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अदालत: छह वर्ष पहले की थी चोरी अब भुगत रहे सजा

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छह वर्ष पहले की थी चोरी अब भुगत रहे सजा
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डोंड़ाघाट की चोरी में तीन को दस-दस वर्ष की सजा
54 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। छह वर्ष पूर्व मुहल्ला तालाबपुरा के डोड़ाघाट में की गई चोरी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 18-18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि छह वर्ष पूर्व थाना कोतवाली अंतर्गत मुहल्ला तालाबपुरा, डोंड़ाघाट निवासी प्रमोद कुमार पुत्र पुरुषोत्तम नारायण ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह पांच मई 2012 को अपनी पत्नी के साथ अपने गांव सतौरा गया था। घर पर अपने बेटे उमेश उर्फ सोनू को छोड़ गया था। उसी रात में उसका बेटा उमेश अपने मित्र अभिषेक के साथ घर पर सो रहा था कि तभी रात तीन बजे उसके लड़के की नींद खुली तो उसने पाया कि अज्ञात चोरों द्वारा उसके सिरहाने के नीचे रखी चाभी का गुच्छा निकालकर बगल वाले कमरे के तालों को चाभी से खोलकर उसमें रखी अलमारी के अंदर से सोने एवं चांदी के सारे जेवरात व पैंतालीस हजार रुपए नकद चोरी करके कमरे के दरवाजे में ताला लगाकर भाग गए। इस चोरी में चोरी गए सामानों में ज्यादातर सोने के जेवर, उसकी भांजी सोजना निवासी प्रीति दुबे पत्नी रामकुमार दुबे के हैं, जो वर्तमान में सीतापुर में कार्यरत हैं। सूचना देने पर पुलिस की गस्त पार्टियां मौके पर पहुंच गई थी। प्रमोद की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने शहर के चंडीमंदिर के पीछे से चार अभियुक्तों को पकड़ा था, जिन्होंने अपने नाम नई बस्ती निवासी अरविंद परमार, राजन सिंह, गांधीनगर निवासी जीतू परिहार व नेहरुनगर निवासी नवल अहिरवार बताए थे। उनके कब्जे से पुलिस ने नकद रुपये व चोरी किया सोने, चांदी समेत कई कीमती सामान बरामद किया था। पूछताछ में उन्होंने अन्य अभियुक्तों नई बस्ती निवासी शिवम् तिवारी, गांधीनगर निवासी अरविंद पाल, लेड़ियापुरा निवासी बंटी धोबी, नई बस्ती निवासी रहीम खां के नाम भी प्रकाश में आए थे। इस घटना में शामिल पांच अभियुक्तों ने पहले ही अपना जुर्म इकबाल कर लिया था। जबकि तीन अभियुक्तों के संबंध में न्यायालय ने उक्त चोरी के मामले में बृहस्पतिवार को अपना निर्णय सुनाया। शनिवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्तों अरविंद परमार उर्फ बंटी, राजन उर्फ राजेंद्र व रहीम खां को उक्त चोरी के मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष का कारावास व 18-18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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