अवैध रुप से निर्माणाधीन भवन को किया ध्वस्त
ललितपुर। शहर के कैलगुवां चौराहे पर बगैर नक्शा पास व बिना अनुमति के निर्माणाधीन एक दो मंजिला इमारत का निर्माण जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए ध्वस्त कर दी और पहली मंजिल के निर्माण पर रोक लगा दी है। एसडीएम के निर्देश पर विनियमित प्राधिकरण ने इमारत के निर्माण को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कराया।
जनपद में विनियमित प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए और बिना अनुमति के धड़ल्ले से अवैध रुप से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। जनपद में हर दूसरी गली व मुख्य सड़कों पर बिना अनुमति के इमारतों का निर्माण हो रहा है। लोगों द्वारा मनमाने तरीके से अवैध निर्माण किए जाने के कारण जहां, गलियों और सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, वहीं विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के मानकों के विपरीत निर्माण होने से शहर की खूबसूरती भी लगातार बिगड़ती जा रही है। गत दो दिन पूर्व ऐसा ही एक मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। जिसके तहत बाईपास रोड स्थित कैलगुवां चौराहा पर एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। जिसमें एक मंजिल भवन का निर्माण पूरा भी हो गया था, जबकि दूसरी मंजिल के लिए पिलर बनाने के बाद रैंडिंग का काम चल रहा था। भवन स्वामी द्वारा एक-दो दिन में स्लैब यानि लैंटर डालने का कार्य किया जाना था। अभी रैंडिंग का कार्य चल ही रहा था, कि इसकी बिना नक्शा व बिना अनुमति के बहुमंजिला इमारत बनाए जाने की शिकायत उपजिलाधिकारी सदर तक पहुंच गई। उन्होंने तत्काल निर्माण कार्य का जायजा लिया और विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के अवर अभियंता के साथ मौके पर पहुंचकर उक्त निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के अवर अभियंता द्वारा जेसीबी मशीन मंगाकर उक्त दूसरी मंजिल के निर्माण को ध्वस्त कराने की कार्यवाही शुरु की। यह देख भवन स्वामी ने अधिकारियों से काफी मिन्नतें की, लेकिन उसकी एक न चली। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती देख यहां लोगों की काफी भीड़ एकत्रित हो गई। जिसके चलते प्रशासन द्वारा यहां पुलिस बल भी बुला लिया गया था। हालांकि उक्त अवैध निर्माण पर विभाग द्वारा मात्र निर्माणाधीन दूसरी मंजिल के पिलर और रैंडिंग का निर्माण ही ध्वस्त किया और चेतावनी देते ही पहली मंजिल का निर्माण भी रुकवा दिया गया। विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के अवर अभियंता एके प्रजापति ने बताया कि उक्त निर्माण करने पर विभाग द्वारा भवन स्वामी को पहले कई बार चेतावनी गई थी, लेकिन निर्माण नहीं रोके जाने पर यह कार्रवाई की गई है।