बिलों में गड़बड़ी की शिकायतों का नहीं हो रहा निस्तारण
ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा शुरू की गई उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का एक महीने के अंदर निस्तारण कराने का है। हर माह उक्त व्यथा निवारण फोरम में विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनी जाती हैं और निस्तारण के ओदश भी दिए जाते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की विद्युत बिल संबंधी समस्याएं खत्म नहीं हो पा रही हैं। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने सोमवार को जिला परिषद में लगाई गई व्यथा निवारण फोरम के उद्देश्य और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के आदेश पर विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए हर माह की दस तारीख को जिला परिषद स्थित विद्युत खंडीय कार्यालय में उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम का आयोजन किया जाता है। हालांकि अवकाश होने पर उससे अगले दिन फोरम का आयोजन होता है। सोमवार को विद्युत खंडीय कार्यालय में व्यथा फोरम लगाई गई, इसमें फोरम के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य उपस्थित हुए। सुबह दस बजे से यहां उपभोक्ताओं ने पहुंचकर उक्त फोरम में अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और फोरम के अधिकारियों ने निस्तारण के आदेश भी दिए। दोपहर करीब बारह बजे यहां मुहल्ला सिविल लाइन व गांधीनगर एवं अन्य मुहल्लों के कई उपभोक्ता आ गए और फोरम के अधिकारियों के सामने शिकायतों का पुलंदा रखा। आरोप लगाया कि फोरम के आदेश के बाद भी शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
एक उपभोक्ता का बिल गत माह करीब 20 हजार रुपये आया था, इसे वह भर चुका था, लेकिन इस महीने फिर से उसका बिल 23 हजार रुपये के करीब आया है। महरौनी का एक उपभोक्ता आया जिसने वर्ष 2016 में अपने विद्युत कनेक्शन का स्थाई विच्छेदन करा लिया था, लेकिन अब उसका बिल फिर से बनकर आ गया, जो करीब तीन लाख रुपये से अधिक का बताया गया। उपभोक्ता आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि स्थाई विद्युत विच्छेदन के संबंध में वह सभी कागजात बिजली विभाग में जमा कर चुका है। यहां तक कि उक्त व्यथा निवारण फोरम में भी शिकायत कर चुका है। लेकिन आज तक उसका निस्तारण नहीं हो सका है। एक उपभोक्ता ने शिकायत की है कि उसके घर जो मीटर लगाए गए हैं वह किसी और के नाम से विभाग में दर्शाया जा रहा है। जब उसके मीटर की रीडिंग ली जाती है, तो उसका विद्युत बिल भी किसी और के नाम से बनता है। हालांकि यहां अधिकारियों ने मीटर की तकनीक खामी को दूर करने का आश्वासन दिया। इसी प्रकार से खंडीय कार्यालय में आयोजित व्यथा निवारण फोरम में और भी कई दर्जन लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप मढ़ने लगे। हालांकि फोरम के अधिकारियों ने किसी प्रकार उपभोक्ताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने को कहकर समझाते हुए शांत किया।