वित्तीय अनियमितता पर नपे वरिष्ठ सहायक, निलंबित
ललितपुर। लघुु सिंचाई विभाग में वर्षों से तैनात कैशियर को वित्तीय अनुशासनहीनता, कदाचार और अनियमित कार्य में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उक्त वरिष्ठ सहायक करीब डेढ़ माह से कैशियर कक्ष में ताला जड़कर गायब चल रहा है, जिसके चलते दूसरे कर्मचारी को चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया भी अटक गई है।
लघु सिंचाई विभाग में करीब 15 वर्षों से तैनात कैशियर के पद पर लिपिक बृजेश कुमार सिंह द्वारा किए जा रहे अनियमित कार्यों की शिकायत जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह से की गई थीं। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई, जिनकी जांच में उक्त वरिष्ठ सहायक वित्तीय अनुशासनहीनता व कदाचार, अनियमित कार्य करने का दोषी पाया गया, जिसके चलते वरिष्ठ सहायक का निलंबित कर दिया गया है। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने अपने कार्यालय आदेश में बताया कि विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक बृजेश कुमार सिंह को अपने दायित्वों के प्रति सजग न रहने, वित्तीय अनुशासनहीनता व कदाचार अनियमित कार्य आदि के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधीक्षण अभियंता झांसी के निर्देश पर उक्त वरिष्ठ सहायक की शिकायतों के प्रकरण की विधिवत जांच लघु सिंचाई विभाग जालौन के सहायक अभियंता राजेश वर्मा को नामित किया गया है और उक्त निलंबन की अवधि में उक्त वरिष्ठ सहायक अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई खंड झांसी कार्यालय में संबद्ध रहेंगे। लघु सिंचाई विभाग में पूर्व में भी इसी प्रकार एक मानचित्रकार के पद पर तैनात सुरेंद्र प्रसाद को भी जिलाधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्घ की गई कार्रवाई में जनपद से स्थानांतरण कर चार्ज हस्तांतरण के लिए नामित मजिस्ट्रेट की देखरेख में अलमारियों के ताले तोड़ने पड़े थे और इसके बाद अन्य मानचित्रकार को चार्ज सौंपा गया था। इसी प्रकार उक्त वरिष्ठ सहायक द्वारा भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को तालों में बंद कर रखा गया है और चार्ज हस्तांतरण का आदेश होने के बाद भी चार्ज नहीं सौंपा गया है, जिसके चलते उक्त पटल से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो रहा है। जबकि उक्त वरिष्ठ सहायक कैशियर कक्ष में पांच अगस्त से ताला डालकर अनुपस्थित चल रहा है। ऐसे में फिर से पुरानी कार्रवाई के तहत ताले तुड़वाकर चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया विभाग में दोहराई जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उक्त कैशियर के कक्ष का ताला खुलने के बाद भ्रष्टाचार की कई परतें खुल सकती हैं। फिलहाल विभागीय अधिकारियों द्वारा उक्त प्रकरण से जिलाधिकारी व अन्य विभागीय उच्चाधिकारियों को इस कार्रवाई से लिखित रुप से अवगत कराया दिया है।