शहर कोतवाल के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज
ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला आजादपुरा निवासी एक महिला की रिपोर्ट सही दर्ज नहीं करने एवं गालीगलौज करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चौरसिया की अदालत के निर्देश पर शहर कोतवाल के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ।
अधिवक्ता आनंद चतुर्वेदी ने बताया कि मोहल्ला आजादपुरा निवासी शिवानी ने 15 मई 2019 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि अभियुक्तगणों द्वारा धोखाधड़ी कर शादी करके रुपयों की मांग करने, घर में घुसकर मारपीट कर शारीरिक शोषण एवं मानसिक उत्पीड़न करने का प्रार्थनापत्र चार मई को प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली को दिया था। लेकिन, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने न तो डॉक्टरी परीक्षण कराया और न ही कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। गुमराह करते हुए कहा कि उसका केस दमोह में चल रहा है, इसलिए उसकी रिपोर्ट दमोह में दर्ज होनी चाहिए और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। छह मई को घटना का प्रार्थनापत्र पुलिस अधीक्षक को दिया गया। एसपी ने प्रभारी निरीक्षक को चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने एवं रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस पर प्रभारी निरीक्षक ने उसके साथ अभद्रता एवं गालीगलौज करते हुए मनमाफिक घटना को तोड़मरोड़ कर आरोपियों के नाम कटवाते हुए सही रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होने पर प्रभारी निरीक्षक ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न करते हुए उसका चिकित्सीय परीक्षण नहीं कराया, जो अपराध है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज कर लिया है और महिला के बयानों के लिए दो जून की तारीख नियत कर दी है।
उक्त प्रकरण में शिवानी की तहरीर पर उसके ससुरालीजन पति दमोह निवासी दीपक शुक्ला एवं सास ऊषा शुक्ला के खिलाफ छह मई को कुत्ते से कटवाने व जान से मारने की धमकी के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। शिवानी द्वारा उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार हैं।
- मनोज कुमार वर्मा, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली।