बीस लोगों पर खनन की रिपोर्ट दर्ज
ललितपुर। शहर कोतवाली अंतर्गत कल्यानपुरा गांव स्थित बानई नदी में अवैध खनन करने के मामले में पुलिस ने खनिज अधिकारी की तहरीर पर बीस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गौरतलब हो कि नदी में जोरों पर हो रहे अवैध खनन के मामले में अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करवाया था। इसके बाद भी लगातार खनिज विभाग और कोतवाली पुलिस की लापरवाही के चलते डेढ़ महीने बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जा सका।
जिला खनिज अधिकारी अरविंद कुमार ने पुलिस को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि नौ जनवरी और 11 जनवरी को कल्यानपुरा गांव के बाद पुल के दोनों ओर लगभग 25 ट्राली बालू सीज कर चौकीदार इस्लाम खां की सुपुर्दगी में दिया गया था। इस प्रकरण में जांच के दौरान 27 जनवरी को ग्रामीणों ने बताया कि कल्यानपुरा गांव स्थित नदी में बालू का अवैध खनन चल रहा है। वह अवैध खनन पप्पू पुत्र बालम सिंह, सुखदेव पुत्र किशोरी, पुष्पेंद्र पुत्र घंसू, धर्मेंद्र पुत्र भरत, राघवेंद्र पुत्र कोमल, शंकर पुत्र काशीराम, सुनील पुत्र संतू, देवेंद्र पुत्र रामचरन, रामेश्वर पुत्र देवकी, रूपसिंह पुत्र रामदयाल, हरदेव पुद्घ पूरन खंगार, निरन पुत्र हन्नू, दयाली पुत्र हरिशचंद्र, आनंद पुत्र सुरेश, विजय पुद्घ खिलान यादव, अमर सिंह पुत्र थुमन यादव, भारत पुत्र गोकल लोधी, राजेंद्र पुत्र नत्थू लोधी, खेमचंद्र पुत्र ओमकार, महेंद्र राज सिंह पुत्र रामसिंह नदी की बालू को किनारे की जमीन खोदकर निकाला जा रहा है। इस क्षेत्र में खनन के लिए किसी को पट्टा नहीं दिया गया है। पुलिस ने खनिज अधिकारी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब हो कि आठ जनवरी के अंक में अमर उजाला ने नदी से बालू लूटने की मची होड़ शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ठ करवाया था। इसके बाद खनिज अधिकारी ने मौके पर जांच कर नदी में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन पाया और ग्रामीणों से बात कर अवैध खनन कर्ताओं को चिन्हित किया। हालांकि उस दौरान खनिज अधिकारी ने पुलिस को भेजे पत्र में खनन में ग्राम प्रधान की संलिप्तता मानी थी, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान को इस मामले से अलग कर दिया गया।
लापरवाही करता रहा खनिज विभाग
खनिज विभाग नौ फरवरी के बाद से कोतवाली पुलिस को तीन पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोशिश करता रहा। लेकिन, मुकदमा दर्ज न होने पर पुलिस विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी के साथ पत्राचार नहीं किया। एसपी सलमान ताज पाटील ने बताया कि यदि खनिज विभाग आरोपियों पर कार्रवाई करने के संवेदनशील होकर काम कर रहा था तो मुकदमा दर्ज होने की स्थिति में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों अवगत नहीं करवाया गया।