उड़द खरीद धांधली में भाजपा पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष फंसे
एफआईआर के आदेश, किसानों के अभिलेखों पर उड़द बेचने का लगा है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। क्रय केंद्रों पर उड़द बेचकर सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ उठाने के मामले में भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ही लपेेटे में आ गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन पर आरोप है कि भाजपा पिछड़ा वर्ग के जिलाध्यक्ष ने विभिन्न किसानों के अभिलेखों पर उड़द बेचा। उधर, जिलाध्यक्ष ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
प्रदेश सरकार ने किसानों को लाभान्वित करने के लिए खरीफ सीजन का सरकारी समर्थन मूल्य तय करते हुए उड़द क्रय केंद्रों की स्थापना की। जब से जिले में खोले गए केंद्रों पर खरीद शुरू हुई, तब से लगातार उड़द खरीद में धांधली की शिकायतें की जा रही थी। इसे ध्यान में जिला प्रशासन ने विभिन्न केंद्रों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान डीएम मानवेन्द्र सिंह ने अमरपुर मंडी स्थित क्रय केन्द्रों पर छापेमारी की साथ ही उप जिलाधिकारी पाली, तहसीलदार ललितपुर, जिला प्रबंधक पीसीएफ को जांच के निर्देश दिए। भाजपा के एक नेता पर उड़द बेचने की शिकायत भी की गई। इसे प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराई। इसमें पाया गया कि जिले में सरकार की मंशा के विपरीत हरिओम निरंजन पुत्र कैलास निरंजन निवासी ग्राम मिर्चवारा ब्लॉक बिरधा किसानों से सस्ते दामों पर उड़द खरीद कर उसे क्रय केंद्रों पर बेच रहे हैं। हरिओम निरंजन द्वारा अमरपुर मंडी स्थित क्रय केंद्र व पाली स्थित बिरधा साधन सहकारी समिति क्रय केन्द्र पर काफी मात्रा में विभिन्न कृषकों के नाम से उड़द बेचा जा रहा था। बिरधा साधन सहकारी समिति क्रय क्रेंद्र पाली के केन्द्र प्रभारी मोहनलाल के बयान अंकित कराए गए। तहसीलदार ललितपुर राजेंद्र बहादुर की जांच आख्या के अनुसार हरिओम निरंजन ग्राम मिर्चवारा ब्लाक बिरधा के निवासी हैं। इनके परिवार में पिता, भाई व दादी के नाम ग्राम मिर्चवारा, तालगांव खितवांस एवं पटसेमरा में कुल मिलाकर 16.397 हैक्टयर भूमि है, जिसमें 14.934 हैक्टेयर भूमि पर उड़द बोई गयी थी। यदि 10 कुन्तल प्रति हैक्टेयर की दर से उपज मानी जाये तो 150 क्विंटल उड़द का उत्पादन सम्भावित था। इस क्षेत्र में अतिवृष्टि से उड़द की नष्ट हुई फसल की टीम द्वारा जांच करायी गयी थी। जांच में पाया गया था कि यहां लगभग 70 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। इससे स्पष्ट है कि उपरोक्त भूमि पर 45 क्विंटल उत्पादन ही सम्भव था। वहीं, क्रय केन्द्र प्रभारी पाली मोहनलाल के बयान के अनुसार, हरिओम निरंजन निवासी ग्राम मिर्चवारा द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 40 कृषकों के अभिलेखों के आधार पर 646.50 कुन्तल उड़द बेचा गया। उनके द्वारा अन्य तिथियों में लगभग 600-700 क्विंटल उड़द किसानों के नाम से बेचा गया। इस प्रकार उनके द्वारा लगभग 1400 क्विंटल उड़द बेचा गया, साथ ही जिला प्रबंधक पीसीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, हरिओम निरंजन ने अमरपुर मण्डी स्थित क्रय केन्द्र के प्रभारी से 26 नवंबर 18 को 30 कृषकों के नाम टोकन रजिस्टर में जबरन दर्ज कराए। केन्द्र प्रभारी ने जब इसका विरोध किया तो उनके द्वारा धमकी दी गई कि यदि उनके कृषकों के उड़द की खरीद नहीं हुई तो अमरपुर मण्डी स्थित क्रय केन्द्र नहीं चल पाएगा। अमरपुर मण्डी स्थित क्रय केन्द्र एवं सिलावन स्थित क्रय केन्द्र पर उड़द विक्रय की दाल नहीं गली तो उनके द्वारा मिर्चवारा से 25 किमी दूर स्थित पाली उड़द क्रय केन्द्र पर मिलीभगत कर स्वयं की भूमि पर सम्भावित उत्पादन से 30 गुना अधिक उड़द का विक्रय विभिन्न किसानों के अभिलेखों का इस्तेमाल कर किया गया। उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह ने हरिओम निरंजन पुत्र कैलास निरंजन निवासी मिर्चवारा ब्लॉक बिरधा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से भाजपा संगठन खलबली मच गई है। अब भाजपा नेता उड़द खरीद में पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष को गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगा रहे हैं।
पेशे से हैं किसान
उड़द खरीद के मामले में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार ने जांच की है। इसमें अधिकारी कुछ भी नहीं पा सके हैं। उन पर दवाब बनाने के लिए प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है जबकि सिंडीकेट अब भी काम कर रहा है। इस तरह से पार्टी को बदनाम करने की साजिश हो रही है।
हरिओम निरंजन
जिलाध्यक्ष भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ
हरिओम पेशे से किसान हैं, जो उड़द बेचा गया है वह उनके परिजनों का है। एक भ्रष्ट अधिकारी ने अपने काले कारनामों को छिपाते हुए भाजपा नेता के खिलाफ झूठी रिपोर्ट कराई गई है। इस प्रकरण को पार्टी संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करेगी।
जगदीश सिंह लोधी एडवोकेट
जिलाध्यक्ष, भाजपा
पार्टी कराई जांच
हरिओम बड़े काश्तकार हैं। यदि किसी किसान के कागजात पर उड़द बेचा है तो उसने प्रशासन से शिकायत की। इस पूरे प्रकरण की पार्टी अपने स्तर से जांच कराएगी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष के साथ खड़ी
भले ही जिला प्रशासन ने पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष को उड़द खरीद के मामले में दोषी माना हो लेकिन पार्टी उनके साथ खड़ी दिखाई दे रही है। इससे पार्टी की प्रशासन से तनातनी से बढ़ने के आसार बन गए हैं।