अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पर्यूषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थ में आयोजित धर्मसभा में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि उनका प्रयास है कि हाईवे पर ऐसे चिकित्सा केंद्र हों, जहां मूक पशुओं के संरक्षण का कार्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य के माध्यम से व्रतों का पालन कर अपने शरीर को मजबूत बनाएं।
दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में प्रस्तावित आचार्य विद्यासागर गो उपचार केंद्र एवं संत सुधासागर पक्षी चिकित्सालय के लिए श्रावकों ने दानशीलता दिखाई। हर संभव सहयोग के लिए संकल्प लिया। जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ अक्षय टडै़या ने गो उपचार केंद्र एवं पक्षी चिकित्सालय की योजना को समाज के बीच रखा। इस दौरान तत्वार्थ सूत्र का वाचन ब्रह्मचारिणी सविता एवं नीलम जैन ने किया एवं अर्घ्य अभिनंदनोदय तीर्थ पाठशाला परिवार ने समर्पित किया। आमंत्रित विद्वान पंकज शास्त्री ने निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज के आशीर्वाद से सांगानेर संस्थान की उपलब्धियों को बताया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया।
अनंत चतुर्दशी पर श्रीजी का अभिषेक मुनि श्री के सानिध्य में श्रेष्ठी संदीप सम्यक सराफ, सुरेश कुमार, आकाश जैन, पवन जैन पंडित, संजय रसिया, मुन्नालाल, नरेंद्र, प्रमोद व आरती प्रमोद जैन परिवार ने की। प्रातःकाल भगवान वासपूज्य के मोक्षकल्याणक पर निर्वाण लाडू चढ़ाया।
आदिनाथ मंदिर गांधीनगर में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा हुई, जिसमें पुण्यार्जक कमलेश, विनोद, डॉ. शैलेंद्र जैन, नीलेंद्र, श्रीपाल, कैप्टन राजकुमार जैन, दिनेश सतभैया रहे। धर्मसभा का संचालन मंदिर प्रबंधक जितेंद्र जैन, सुवेंदु जैन ने किया। पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर, आदिनाथ बड़ा मंदिर, पार्श्वनाथ नया मंदिर, आदिनाथ मंदिर गांधीनगर, चंद्रप्रभु मंदिर डोढ़ाघाट, शांतिनगर मंदिर गांधीनगर, इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन, बाहुबलिनगर श्रीजी, एम्ब्रोसिया कॉलोनी, पार्श्वनाथ कॉलोनी में श्री जी का अभिषेक हुआ।
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ये रहे मौजूद : धार्मिक आयोजन में संयोजक सनत खजुरिया, मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, सौरभ जैन कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, संयोजक प्रतीक इमलिया, राकेश जैन, मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक दैलवारा, मनोज जैन, अजय जैन, जिनेंद्र जैन, मनीष जैन, अजित जैन, आनंद जैन, आनंद जैन, संजय जैन, वीणा जैन, अनूप जैन, विमल जैन, विकास जैन आदि मौजूद रहे।
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अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म को किया अंगीकार
तालबेहट। पर्यूषण महापर्व के अंतिम दिन सिद्ध क्षेत्र पवागिरि सहित दोनों जैन मंदिरों में ब्रह्मचर्य धर्म को अंगीकार किया गया।
मंगलवार सुबह नित्यमय अभिषेक के बाद विश्व शांति की मंगल कामना के साथ मंत्रोच्चार के मध्य शांतिधारा, पूजन विधान का आयोजन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की गई। निर्वाण लाडू चढ़ाकर जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। दोपहर में जल विहार कार्यक्रम के तहत श्रद्धालु मानसरोवर से जल लेकर आए और वार्षिक कलशाभिषेक का आयोजन हुआ।
धर्मसभा में संतोष कुमार ने कहा कि सांसारिक विषयों में पंच इंद्रियों द्वारा किसी प्रकार की लालसा न रखना ब्रह्मचर्य धर्म है। विषय भोगों पर संयम रखा जाता है। रात्रि में भक्तामर पाठ के साथ 48 दीपक प्रज्वलित कर मंगल आरती का आयोजन किया गया। बहुमंडल वासुपूज्य जिनालय ने पर्यूषण पर्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया। संचालन विशाल पवा ने किया।
उधर, कड़ेसराकलां स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा विधान किया गया। देवेंद्र, शैलेंद्र, अनिमेष, सौरभ, प्रसन्न, लालू, प्रमोद, गौरव, अमित, संयम, सिद्धार्थ आदि का सक्रिय सहयोग रहा।