ललितपुर। कोविड वैक्सीन के टीकाकरण में गांव की अपेक्षा शहर पिछड़ गया है। चार स्थानों पर सात सत्रों में 700 स्वास्थ्य कर्मियों की टीकाकारण किया जाना था, लेकिन कर्मचारियों के न आने से मात्र 473 को ही लगाया गया है। इस तरह 67 प्रतिशत टीकाकरण किया गया। इसमें गांव की अपेक्षा शहर पीछे रहा है।
शुक्रवार को जनपद में द्वितीय चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। इसके लिए जिला अस्पताल में दो सत्रों में दो सौ स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया। वहीं जिला महिला अस्पताल में एक सत्र में सौ स्वास्थ्य कर्मियों वैक्सीन का डोज लगाए जाने थे। सुबह नौ बजे से कोविड वैक्सीन का टीकाकरण कार्य शुरु किया गया। लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण कराने में रुचि नहीं रख रहे हैं। दोपहर एक बजे जिला महिला अस्पताल में मात्र 25 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण लगवाया। शाम पांच बजे तक मात्र 60 स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई। जबकि जिला अस्पताल में एक सत्र में 30 को वैक्सीन लग चुकी थी। वहीं दूसरे में मात्र 17 को ही वैक्सीन का डोज दिया गया। वहीं शाम को एक पांच बजे पहले सत्र में 55 लोगों ने व दूसरे में मात्र 37 ने वैक्सीन लगवाई। टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों की कम संख्या से अधिकारियों ने फोन पर सूचना देकर बुलाया, तब कहीं कुछ प्रतिशत बढ़ा सका। शाम पांच बजे जिले में वैक्सीन का डोज लगने का प्रतिशत 55 रहा। इसके बाद प्रयासों पर 67 प्रतिशत तक पहुंचे।
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लक्ष्य नहीं पा सका विभाग
कोविड वैक्सीन के टीकाकरण में जिम्मेदार उदासीन नजर आ रहे हैं। इससे विभाग लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जहां पहले चरण में केवल 59 प्रतिशत ने ही वैक्सीन लगवाई। दूसरे चरण में भी लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 67 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई है। इसमें शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लाभार्थियों ने टीकाकारण कराया है।
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वैक्सीन टीकाकरण में तालबेहट रहा अव्वल
कोविड वैक्सीन टीकाकरण में ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा शहर अधिक पीछे हैं। जिला अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के टीकाकरण का प्रतिशत ग्रामीण से कम है। वहीं महिला अस्पताल की भी यही स्थित है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट सबसे अधिक 74 फीसदी रहा। वहीं सीएचसी बार का प्रतिशत 68 प्रतिशत रहा। इसके बाद जिला अस्पताल में वैक्सीन का प्रतिशत 64 और महिला अस्पताल का 60 प्रतिशत रहा। इससे स्पष्ट है कि टीकाकरण में शहर ग्रामीण से पीछे है।
द्वितीय चरण में वैक्सीन लगने वाले सभी लाभार्थियों को सूचित किया गया था। इनमें कुछ लोग बाहर व कुछ बीमार व महिलाकर्मी गर्भवती होने से वैक्सीन नहीं लगवा सकी हैं।
- डॉ. डी के गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के बाद कुर्सी पर बैठे स्वास्थ्य कर्मी- फोटो : LALITPUR
जिला महिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाते डा बीपी इटालिया- फोटो : LALITPUR