ललितपुर। अभी पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। हर तरफ मुश्किल है, लोग लगातार इलाज के लिए भटक रहे हैं। इस समय थोड़ी समझदारी दिखाकर कोरोना की रोकथाम के लिए नियमों का पालन करें और आसपास सफाई रखकर मलेरिया से भी बचें। मलेरिया के प्रति लोगों में जागरूकता को लेकर ही 25 अप्रैल को हर वर्ष विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है।
जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इस दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2008 से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य इस बीमारी के प्रति जागरूकता लाना है। इस वर्ष की थीम ‘रीचिंग द जीरो मलेरिया टारगेट’ अर्थात ‘मलेरिया के शून्य टारगेट तक पहुंचना’ है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी अगर सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह जानलेवा बन जाती है। बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से मलेरिया टेस्टिंग का काम काफी प्रभावित हुआ है। इस वर्ष 35,051 मलेरिया के टेस्ट हुए, इसमे 15 पॉजिटिव निकले और उन्हें उचित इलाज मुहैया कराया गया।
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इस समय कोरोना संक्रमण फैला हुआ है। इस वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई जरूरी है, वैसे ही मलेरिया से बचने के लिए भी अपने आसपास साफ-सफाई रखना बेहद अहम है। घर के आसपास पानी को ठहरने नहीं दें क्योंकि रुके हुए पानी में मच्छर अंडे देता है और मच्छर आगे पनपते हैं।
- मनोज कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी
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यह हैं मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार आना और ठंड लगना।
- सिर दर्दहोना, उल्टी आना।
- थकान होना, कमजोरी महसूस करना।
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ऐसे करें बचाव
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- घर के आसपास जलभराव न होने दें। इसमें मच्छर पनपते हैं
- दरवाजे और खिड़कियों पर ऐसी जाली लगवाएं, जिससे हवा तो अंदर आए, लेकिन मच्छर न घुस पाएं।
- घरों की छतों पर रखी पानी की टंकी को ढंककर रखें, ताकि मच्छर न पनप पाएं।
- मच्छरों से सुुरक्षा के लिए रात में सोने के लिए मच्छरदानी लगा लें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- कूलर में पानी जमा होने न दें।
- संतुलित आहार और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली फल सब्जी लें।