- मृतक मासूम अपने मामा के यहां आयोजित शादी में शामिल होने के लिए आई थी मां के साथ
- शहर के मोहल्ला रामनगर में हुई घटना, परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिजली के खंभे में सपोर्टिंग तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में ममेरे भाई-बहन आ गए। जिसमें मासूम बालिका की मौत हो गई। जबकि बालक को लोगों के द्वारा बचा लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के मोहल्ला नईबस्ती निवासी आठ वर्षीय रिंकी करीब पांच दिन पूर्व अपने मामा गोलू के यहां मोहल्ला रामनगर अपनी मां रीना व अन्य भाई-बहनों के साथ शादी में आई थी। यहां गोलू के चचेरे भाई पकंज की शादी थी। शुक्रवार को बरात जानी थी तो घर में बरात निकासी की तैयारी चल रही थी। इधर रिंकी अपने ममेरे भाई रितिक (5) पुत्र गोलू के साथ घर के बगल में खेल रही थी। दोपहर को बारिश होने लगी तो वह टीन शैड के नीचे पहुंच गई थी। बारिश बंद हुई तो दोनों भाई पुन: खेलने लगे। इस दौरान यहां खड़े बिजली खंभे के सपोर्टिंग तार के संपर्क में दोनों भाई-बहन आ गए। चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे और सूखी लकड़ी के जरिए करंट की चपेट में आए रितिक व रिंकी को अलग किया। करंट की चपेट में आने से रिंकी अचेत हो गई थी। जबकि रितिक मामूली रूप से आहत हुआ था। आनन-फानन में रिंकी को जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने रिंकी के शरीर का परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका रिंकी कक्षा 2 की छात्रा थी और तीन बहन व एक भाई में सबसे छोटी थी। मृतका के दादा रामकिशन ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया गया कि चार पांच दिन पूर्व मोहल्ले में तार बदलने का कार्य किया जा रहा था। तब मौके पर बिजली विभाग के जेई को मौखिक रूप से मोहल्ले के लोगों ने तार में करंट आने और इसे हटाने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद भी उक्त तार को नहीं हटाया गया। जिस कारण से रिंकी करंट की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। पीड़ित रामकिशन ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
शादी के घर पसरा मातम
जहां बारात निकासी को लेकर घर में मंगलगीत गाए जा रहे थे। वहां पर कुछ ही देर में चीख पुकार और कोहराम मच गया था। सबसे ज्यादा हालत खराब तो रिंकी की मां रीना की हो रही थी। उस पर तो जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। करीब दो-तीन माह पूर्व ट्रेन में सफर के दौरान उसके पति रामलाल ट्रेन से गिर गए थे। जिससे उनके दोनों पैर कट गए थे। इसके बाद रीना पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी और वह मेहनत मजदूरी कर रही थी। लेकिन अब करंट से उसकी छोटी पुत्री की मौत होने से वह सदमे में है।
करंट से मासूम बच्ची की मौत होने के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य निकलकर समाने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर