संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जमीन विक्रय के बाद भी अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल की अदालत ने छह नामजद और आठ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के राजघाट निवासी रंकेश्वर ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि चार नवंबर 2025 को वह अपने मित्र इंद्रपाल परमार निवासी कालापहाड़ के साथ ग्राम टौरिया स्थित खेत पर गया था।
आरोप है कि उसी दौरान रामकिशन, अनेक सिंह और प्रमोद लोधी अपनी पत्नियों व 8-10 अज्ञात लोगों के साथ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और जबरन खेत जोतने लगे।
विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए अवैध असलहों, कुल्हाड़ी व डंडों से धमकाया। आरोप है कि प्रमोद ने कुल्हाड़ी गर्दन पर रखकर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह पीड़ित वहां से निकलकर डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर सीजेएम ने कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने के निर्देश दिए हैं।