ललितपुर। देश व देशवासियों को स्वस्थ्य रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने 01 फरवरी से 15 फरवरी तक स्वच्छता पखवाड़ा चलाने के लिए नगर पालिका को निर्देश दिए थे।
इस पखवाड़े में शहर में स्वच्छता व सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाना था, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी शहर की गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। गंदगी का आलम केवल गलियों में ही नहीं, शहर के मुख्य मार्गों पर भी देखने का मिल रहा है।
भले ही प्रधानमंत्री स्वच्छता को लेकर गंभीर हों, परंतु शहर की नगर पालिका इसके प्रति उदासीन बनी हुई है। स्वच्छता पखवाड़ा शुरू होने के पांच दिन बाद भी कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। जगह- जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
मुहल्ला तालाबपुरा की मुख्य सड़क पर, आजादपुरा स्थित रिसाला मंदिर के पास, तुवन मंदिर के मैदान परिसर में, नदीपुरा, गांधीनगर, नेहरू नगर, खिरकापुरा, सदनशाह, घुसयाना व चांदमारी आदि मुहल्लों की मुख्य सड़कों के अलावा अन्य मुहल्लों की गलियों में गंदगी पसरी हुई है। यह गंदगी स्वच्छता पखवाड़ा को आइना दिखाने के लिए पर्याप्त है।
अभियान के लिए विभाग नहीं है जागरूक
स्वच्छता पखवाड़ा में नगर पालिका को शहरी क्षेत्रों में आमजन को जागरूक करने के लिए जागरुकता अभियान चलाना था। शासन की मंशा है कि पालिका नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करें, ताकि नगरवासी सफाई व्यवस्था में सहयोग करें।
जागरूकता के अभाव में ही नागरिक खुले मैदानों में शौच करते हैं तथा सड़कों पर जहां मन आया, गंदगी फैला देते हैं। स्वच्छता पखवाड़ा के पांच दिन बीत गए, परंतु कहीं पर भी जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया।
इस तरह की जानी थी जागरूकता
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के पोस्टर व बैनर लगाए जाने थे।
इसके अलावा स्वच्छता व सफाई से जुड़े होर्डिंग व बैनर लगाकर लोगों को जागरूक करने तथा शौचालयों केे बारे में भी लोगों को जागरूक करना था। लेकिन, नगर पालिका की ओर से इस अभियान की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मंत्रालय भेजनी है रिपोर्ट
नगर पालिका द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वच्छता, विशेष सफाई अभियान व जागरूकता कार्यक्रमों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराकर शासन को भेजने को कहा गया है। इसके लिए नगर पालिका को पूरी रिपोर्ट तैयार कर शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की जानी है, ताकि केंद्र सरकार स्वयं सफाई की सच्चाई से रूबरू हो सके।