फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का रिकवरी रेट सुधरा, लेकिन मौतों का आंकड़ा रोज बढ़ रहा

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की संख्या बढ़ने लगी है, जिससे रिकवरी रेट में सुधार हो रहा है। पर, चिंता की बात यह है कि जिले में मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज तीन से पांच मौतें कोरोना के कारण हो रही हैं। सरकारी आंकड़ों में एक महीने में 47 मौतें हुई हैं, जबकि जिले में वास्तविकता इससे कहीं अधिक हैं।
विज्ञापन

जिले में कोविड-19 की जांचों में कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे सभी मोहल्लों व गांवों में पैर पसारता जा रहा है। एक महीने में कोरोना का संक्रमण जिलेवासियों के ऊपर कहर बनकर बरपा है। बीते बीस दिनों में तो हालात यह रहे कि ढाई सौ, तीन सौ यहां तक कि एक दिन में मरीजों का आंकड़ा 599 तक जा पहुंचा था। पिछले दो दिनों से नए मरीजों के मिलने में कमी आई है। रविवार को 176 और सोमवार को 134 नए संक्रमित मरीज मिले हैं।
कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है, इससे रिकवरी रेट में सुधार हुआ और रिकवरी रेट 82.48 पहुंच गया है। लेकिन जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या भी बढ़ती जा रही है। आए दिन तीन से पांच लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो रही है। सरकारी आंकड़ों में बीते एक महीने में 47 लोगों की मौतें दर्शायी गई हैं। जबकि स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया या फिर अन्य सूत्रों के अनुसार अन्य झांसी, भोपाल, ग्वालियर व दिल्ली में उपचार के दौरान एक महीने में सत्तर से अधिक मौतें हो चुकी हैं। आंकड़ा इससे भी कहीं अधिक हो सकता है। अकेले शिक्षा विभाग के अंतर्गत चालीस से अधिक शिक्षक व कर्मचारियों की मौतें हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें