ललितपुर। जालौन जिले में बीते रोज कोरोना पॉजीटिव केस मिलने के बाद जनपद में सतर्कता बढ़ गई है। जनपद के कई लोग पुलिस, स्वास्थ्य व बिजली विभाग में जालौन में नौकरी करते हैं और जालौन के बहुत से लोग ललितपुर में नौकरी करते हैं। जिले की सीमा से लगे टीकमगढ़ व सागर में पहले ही पॉजीटिव केस मिल चुके हैं, जिसके चलते जनपद की सभी सीमाएं सील की जा चुकी हैं।
झांसी मंडल के जालौन जिले में बीते दिवस एक कोरोना पॉजीटिव मामला मिला है। ऐसे में सभी मंडलवासी अब अधिक सतर्कता महसूस करने लगे हैं। अब तक मंडल के तीनों जिले झांसी, ललितपुर व जालौन में कोई भी पॉजीटिव केस नहीं था, जो राहत की बात रही। लेकिन, बीते रोज यह मामला आने से अब झांसी के साथ ही ललितपुर के लोग भी सतर्क हो गए हैं। कारण यह है कि जालौन जिला के बहुत से लोग ललितपुर में बिजली विभाग, पुलिस विभाग, चिकित्सा विभाग, शिक्षा के क्षेत्र में नौकरी करते हैं। जबकि, ललितपुर के लोग जालौन जिला में कई सरकारी विभागों में नौकरी कर वहां रह रहे हैं। इनमें आवश्यक सेवाओं वाले बिजली, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग में लोग नौकरी में तैनात हैं। ऐसे में अब सतर्कता रखने की अधिक आवश्यकता है।
मध्य प्रदेश की सीमावर्ती जिला टीकमगढ़ और सागर में पहले ही कोरोना पॉजीटिव मिल चुके हैं, जिसके चलते जिला और पुलिस प्रशासन ने जनपद की सभी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर रखा है, लेकिन फिर भी लोग किसी न किसी प्रकार जनपद आने की फिराक में लगे हुए हैं।
ललितपुर से निकला था टीकमगढ़ का कोरोना पॉजीटिव
जनपद से साठ किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश की टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ तहसील के निवासी का चार दिन पहले पॉजीटिव मामला सामने आया था। उक्त युवक इंदौर से गुना होते हुए साइकिल से चलकर टीकमगढ़ पहुुंचा था। बताया गया कि ललितपुर होकर गया था।
सभी सरकारी काम ई-मेल से हो रहे हैं। सभी को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। किसी को भी एक जिले से दूसरे दिले में आने-जाने की जरूरत नहीं है। सीमाओं पर लगातार चौकसी बढ़ाई गई है।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक