ललितपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 22 मार्च 2020 को एक दिन का बंद रखने का सहयोग मांगा था, जिसे जनता ने सहर्ष स्वीकार करते हुए पूर्ण सहयोग दिया था। यही कारण है कि जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा था। अत्यावश्यक कार्यों से जुड़े लोगों को छोड़कर इस दिन सभी लोग घरों से बाहर नहीं निकले थे।
श्री वर्णी इंटर कालेज के कर्मचारी साबिर ने बताया कि यह अभूतपूर्व बंद था, जिसके लिए कहीं भी पुलिस बल का प्रयोग नहीं हुआ। दो दिन बाद जब पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा हुई तो लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग दिया। जखौरा ब्लाक की आशा कार्यकर्ता आशा यादव ने बताया कि कर्फ्यू तो सुना था, लेकिन जनता कर्फ्यू पहली बार सुना था। उस वक्त संक्रमण रोकने के लिए यह बेहद जरूरी था।