ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव को आने वाली महिलाओं को अब कोरोना की जांच करानी होगी। यह व्यवस्था मंगलवार से शुरू कर दी गई है। अब बिना कोरोना जांच के प्रसव की सुविधा नहीं मिलेगी। उधर, यदि महिला कोरोना संक्रमित पाई जाती है तो उसे कोविड सेंटर भेजा जाएगा।
मुख्यालय स्थित जिला महिला अस्पताल में अधिकांश महिलाएं प्रसव के लिए पहुंचती हैं। सामान्य दिनों में यहां 24 घंटे में तकरीबन तीन दर्जन तक प्रसव होते हैं। लेकिन कोराना संक्रमण के चलते अस्पताल के नियमों में परिवर्तन किया गया है। अब प्रसव को आने वाली महिलओं को भी कोरोना जांच करानी होगी। इस जांच को अनिवार्य कर दिया गया है। रिपोर्ट मिलने पर ही अस्पताल में प्रसूताओं को प्रवेश दिया जाएगा। ताकि, अस्पताल में भर्ती मरीजों व मासूमों को संक्रमण से बचाया जा सके। इससे चिकित्सकों और स्टाफ को भी संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
बीते दिनों झांसी से आई महिला के संक्रमित मिलने पर अस्पताल को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था। इससे प्रसूताओं को अधिक परेशानी उठानी पड़ी थी। प्रसव के आई महिलाओं को निजी नर्सिंग होम का सहारा लिया, जहां पर मोटी रकम चुकानी पड़ी थी। इसके अलावा सोमवार को प्रसव के लिए आई दो महिलाओं की जब प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई तो उसमें एक महिला में लक्षण पाए गए। सैंपल लेकर ट्रू-नॉट मशीन से जांच की गई, जिसमें पॉजिटिव पाया गया। इस पर झांसी रेफर कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल में ठहरने वाले स्थानों को सैनिटाइज कराकर अस्पताल को सुचारु रूप से शुरू किया गया।
अस्पताल में प्रसव को आने वाली महिलाओं को उपचार की सुविधा मिलती रहे, इसके लिए जिला महिला अस्पताल प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि प्रसव के पूर्व महिलाओं को कोरोना जांच करानी होगी। इसके बाद ही अस्पताल में प्रसव किए जाएंगे।
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महिला अस्पताल में संक्रमित मरीज के मिलने पर अस्पताल को दो दिन के लिए बंद करना पड़ता है। इससे महिलाओं को परेशानी होती है। अन्य मरीजों और स्टाफ को संक्रमण का खतरा रहता है। इससे यह निर्णय लिया गया है कि जो भी महिलाएं प्रसव को आएंगी, पहले उनकी कोरोना की जांच की जाएगी।
- डॉ. हरेंद्र चौहान, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल