ललितपुर। कोरोना वायरस का असर रेडीमेड दुकानों पर भी पड़ रहा है। लोगों ने कोरोना के डर से अब घरों से निकलना कम कर दिया है। रेडीमेड दुकानदारों का कहना है कि लोग कोरोना के डर से घर से कम निकल रहे हैं। इसलिए दुकानों से सामान खरीदने कम आ रहे हैं। इसका सीधा असर दुकानों की बिक्री पर पड़ रहा है। दुकान का मेंटीनेंस तक का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
रेडीमेड दुकानों को कोरोना वायरस ने प्रभावित किया है। वायरस के डर से लोग घरों से जरूरी काम होने पर ही निकल रहे हैं। इससे रेडीमेड दुकानदारों को मंदी का असर झेलना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि लोगों में जागरूकता की जरूरत है, क्योंकि जब से कोरोना के प्रति ज्यादा प्रचार- प्रसार हुआ है, तभी से दुकान की बिक्री प्रभावित हुई है। देश में कोरोना ने दस्तक दी है, इसका असर बिक्री पर पड़ रहा है। कोरोना के असर से खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है। कोरोना वायरस के डर से लोगों ने घर से निकलना कम कर दिया है। उन्हें कोरोना का भय बना रहता है, जबकि यह दैनिक जरुरतें हैं और इससे कोरोना का कोई लेना- देना तक नहीं है।
कोरोना वायरस का सीधा असर दुकानदारी पर पड़ रहा है। हम लोग हर महीने दुकानों के किराए और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करते हैं, इस महीने कोरोना के कारण दुकानदारी कम हो गई है।
- शानू जैन, मामा रेडीमेड
कोरोना वायरस केे डर से लोग घरों से कम निकल रहे हैं। दुकानों पर ग्राहक कम आ रहे हैं। पहले से सत्तर फीसदी दुकानदारी कम हो गई है। दुकान का जितना मेंटीनेंस है, उस हिसाब से कम बिक्री हो रही है। खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है।
- दिलीप चौबे, अक्षय फैशन प्वाइंट
इस समय कोरोना वायरस को लेकर गारमेंट्स व्यापार पर व्यापक असर है। लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। सिर्फ जरुरत का सामान लेने के लिए ही घरों से निकल रहे हैं। इससे इसका असर हमारी दुकानदारी पर भी पड़ा है।
- अंकुर जैन, शानू बाबा ड्रीम कलेक्शन
इस समय कोरोना से बचने के लिए सभी जागरूक हैं और इससे बचाव के लिए कटिबद्व हैं। ज्यादातर प्रयास ये करते हैं कि भीड़ में न जाना पड़े, इसलिए छोटी दुकानों से सामान खरीद लेते हैं। इससे कोरोना वायरस का ज्यादा डर नहीं रहता है।
- राहुल चंदेल
कोरोना वायरस से डरने की जगह लोगों को इससे जागरूक होने की जरूरत है। पिछले माह से मंदी का असर झेल रहे थे, लेकिन अब एक- दो दिन से कुछ लोगों को यह डर सता रहा है, कि कोरोना वायरस के चलते कहीं बाजार और दुकानें बंद न हो जाएं, जिससे वह अभी खरीदारी कर रहे हैं।
- गिरीश डोडवानी, भारत बाजार
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