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कोरोना वायरस : जेल में आने वाले नए कैदियों की स्क्रीनिंग

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जेल में नए कैदियों की जांच की जा रही है। - फोटो : ???? ????
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कोरोना वायरस : जेल में आने वाले नए कैदियों की स्क्रीनिंग
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ललितपुर। कोरोना वायरस के बचाव को लेकर जेल प्रशासन सतर्क हो गया है। इसको लेकर जेल में आने वाले नए कैदियों की चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है। खांसी, जुकाम या बीमार होने वाले दूसरे जनपदों से आने वाले कैदियों को आइसोलेट किया जा रहा है। जेल में चिकित्सकों द्वारा नए कैदियों को अलग रखा जा रहा है।
कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में सतर्कता बरती जा रही हैै। इसको लेकर जिले में भी अलर्ट रखा गया है। संभावित मरीज को रखने के लिए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सतर्कता के तौर पर जेल में आने वाले नए कैदी व खासतौर पर कानपुर, आगरा, मथुरा, दिल्ली या ट्रेन में पकड़े गए कैदियों में कोरोनो वायरस के लक्षणों की जांच की जा रही है। चिकित्सकों द्वारा ऐसे बंदियों को जेल में शिफ्ट करने के दौरान खांसी, जुकाम या बुखार आदि बीमारियों से ग्रसित मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है और शंका होने पर अन्य बंदी मरीजों से अलग रखकर आइसोलेट किया जा रहा है, ताकि यदि किसी बंदी मरीज में इस प्रकार के लक्षण हों तो दूसरा मरीज प्रभावित न हो। हाल में ही जीआरपी द्वारा ट्रेनों में चोरी के आरोप में कानपुर के चार आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा गया है। जिनकी चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग की गई।
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बाहरी जनपदों कानपुर, आगरा जैसे जिलों के आ रहे कैदी जो खांसी, जुकाम या अन्य इस प्रकार की बीमारी से ग्रसित हैं, उनकी विशेष तौर पर स्क्रीनिंग कर उन्हें दूसरे सामान्य मरीजों से अलग रूम में रखकर आइसोलेट किया जा रहा है। अभी तक जेल में कोरोना वायरस से संबंधित लक्षण वाला कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
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- डॉ. विजय द्विवेदी, जेल चिकित्सक
जेल में आने वाले नए कैदियों की सामान्य रूप से होने वाली चिकित्सीय जांच कराई जा रही है। यदि कोई बंदी बीमार है तो जेल में चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज कराया जाता है। गंभीर हालत होने पर जिला चिकित्सालय में उपचार को भेजा जाता है। कोरोना वायरस के लक्षणों जैसी कोई भी स्थिति यहां नहीं है, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
- बीके मिश्रा, जेल अधीक्षक
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