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Lalitpur News: मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में दोषी को एक वर्ष की सजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) विकास कुमार द्वितीय की अदालत ने जाखलौन क्षेत्र में लकड़ी बीनने के विवाद में मारपीट, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना जाखलौन क्षेत्र के ग्राम बारौद सीपरी का है। वादी हीरा सहरिया ने 7 फरवरी 2013 को पुलिस में दी तहरीर में बताया था कि वह अपने साथियों कुंजी सहरिया, सतू सहरिया, कोमल, वीरेंद्र सहरिया, बुंदेल, रंजीत कुमार तथा परिवार की महिलाओं के साथ लारा की पहाड़ी पर सूखी लकड़ी बीनने गए थे। दोपहर करीब तीन बजे ग्राम बंदरगुढ़ा निवासी राजपाल यादव और कल्लू उर्फ धमना वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए सभी के साथ मारपीट की। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया।
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तहरीर के आधार पर थाना जाखलौन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामला लंबे समय से विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने राजपाल यादव को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे एक वर्ष के कारावास के साथ चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि दोषी राजपाल यादव को पूर्व में एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है।
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