संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार भारती की अदालत ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कठोर कारावास और 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पिता ने 27 जुलाई 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री कपड़ों की सिलाई कराने जा रही थी, तभी गांव निवासी सोन सिंह कुशवाहा उर्फ हल्के उसे बहला-फुसलाकर ले गया। खोजबीन के दौरान आरोपी ने फोन पर बताया कि वह लड़की को ले गया है और अगले दिन छोड़ देगा, लेकिन वह उसे वापस नहीं लाया।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसके बयान और चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर के अनुसार, दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाए जाने के कारण पॉक्सो एक्ट में अलग से सजा देना आवश्यक नहीं समझा गया।