संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कैलगुवां चौराहे पर बनने वाले अंडरपास में बाधक बने खंभे और पाइप लाइन शिफ्ट होने के बाद अब निर्माण शुरू हो गया है।
झांसी-सागर नेशनल हाईवे-44 पर शहर से सटे कैलगुवां चौराहे पर कुछ वर्ष पूर्व शासन ने अंडरपास बनाने की स्वीकृति दी थी। कार्यदायी संस्था ने प्रथम चरण में कैलगुवां चौराहे से शहजाद नदी पुल तक सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर का सर्विस रोड बनाने किया था। लेकिन, बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर, खंभे और पाइप लाइन इसमें बाधक बन रहा था। इसे हटाने के लिए एनएचएआई ने बिजली विभाग को पत्राचार किया। बिजली विभाग ने इसके लिए पहले स्टीमेट की धनराशि जमा करने को कहा। एनएचएआई ने ट्रांसफार्मर व खंभे उनकी जमीन पर लगे होने और हाईवे निर्माण के बाद अधिग्रहीत जमीन पर लगाने का हवाला देते हुए धनराशि जमा करने से मना कर दिया था।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के कड़े निर्देश के बाद बिजली विभाग व एनएचएआई के बीच आपस में सहमति बनी। बिजली विभाग ने सर्विस रोड निर्माण में बाधा बन रहे ट्रांसफार्मर व बिजली के खंभों को स्थानांतरित कर दिया। पाइप लाइन को भी वहां से शिफ्ट कर दिया गया। अब कार्यदायी संस्था ने निर्माण तेजी के साथ शुरू कर दिया है। अनुमान है कि कैलगुवां चौराहे पर बन रहा अंडरपास जल्द ही तैयार हो जाएगा। इसके निर्मित होने से चौराहे पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
दुर्घटना का ब्लैक स्पॉट घोषित है कैलगुवां चौराहा
ललितपुर से कैलगुवां को जाने वाली सड़क एनएच-44 को क्रॉस करती है। इसे कैलगुवा चौराहा के नाम से जाना जाता है। हाईवे के निर्माण हो जाने के बाद से यहां आए दिन दुर्घटना घटित होती थी। एनएचएआई के सर्वे में कैलगुवां चौराहे पर सर्वाधिक दुर्घटना होना पाया गया। इस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया। इसके बाद शासन ने इस स्थान पर अंडरपास बनाने की स्वीकृति दी थी।