ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में सह समन्वयकों की कमी खलने लगी है। इस समय जिले में चौदह सह समन्वयकों के पद खाली चल रहे हैं, जिसका विपरीत प्रभाव शैक्षिक कार्यक्रमों पर पड़ रहा है। खासकर शिक्षा सबका दायित्व को गति नहीं मिल पा रही है।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को विषयवार शैक्षिक सपोर्ट प्रदान करने के मकसद से प्रत्येक ब्लाक में पांच विषयों के सह समन्वयकों को नियुक्त किया जाता है। इनमें से कइयों ने स्वेच्छा से पद छोड़ दिया है तो ब्लाक जखौरा के दो सह समन्वयकों पर हाल ही में प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।
इस वजह से सह समन्वयकों की घटकर संख्या 21 रह गई है। सबसे ज्यादा नगर व जखौरा ब्लाक प्रभावित हैं। यहां केवल दो-दो सह समन्वयक ही कार्यरत रह गए हैं। इसके अलावा ब्लाक बिरधा में तीन, तालबेहट में चार, बार में चार, महरौनी में तीन, मड़ावरा में तीन सह समन्वयक तैनात हैं। महत्वपूर्ण यह है कि जिले के किसी भी ब्लाक में अंग्रेजी विषय का सह समन्वयक नहीं है। ऐसे में शिक्षा सबका दायित्व, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। इस मामले में विभागीय अफसर मौन हैं।
कइयों को गंवाना पड़ा पद
प्रत्येक ब्लाक में वरिष्ठ सह समन्वयक को बीआरसी का सह खातेदार बनाया जाता है। लेकिन, जिस को भी सह खातेदार बनने का मौका मिला है, उनमें से कइयों को सह समन्वयक का भी पद छोड़ना पड़ा है। इस फेर में ब्लाक जखौरा के तीन सह समन्वयक हटे हैं। वहीं, ब्लाक महरौनी में भी एक सह समन्वयक ने सह खातेदार का पद छोड़कर विद्यालय जाना पसंद किया है। उधर, ब्लाक बिरधा के एक सह समन्वयक डायट में संबद्ध हैं।