ललितपुर। जिले में मानसून सीजन में बादल कम बरसे हैं। इससे आधे से ज्यादा बांध खाली रह गए। सजनाम व कचनौंदा बांध अन्य बांधों की अपेक्षा जुलाई माह के अंत तक चार से पांच मीटर तक खाली बने हुए हैं। सजनाम बांध अभी 5.14 मीटर तो कचनौंदा बांध 4.60 मीटर खाली है।
जिले में डेढ़ महीने में मानसून सीजन में जिला मूसलाधार बारिश के लिए तरस रहा है। कुछ क्षेत्रों में ठीक-ठाक बारिश हुई। लेकिन जनपद के कुछ क्षेत्र ऐसे भी जहां पर अनुमान के मुताबिक बारिश नहीं हुई। बारिश न होने का असर यहां के बांधों के जलस्तर पर पड़ रहा है। कुछ बांधों का जलस्तर तो बढ़ा लेकिन वह अनुमान के मुताबिक नहीं रहा। सबसे अधिक हालत खराब तो सजनाम व कचनौंदा बांध की है। दोनों बांध अभी भी चार से पांच मीटर तक खाली हैं। जिस कारण इन बांधों से सिंचाई पर निर्भर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। हालांकि मानसून विशेषज्ञों ने अगस्त माह के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है।
सजनाम व कचनौंदा बांध के जलस्तर में कमी
बांध का नाम - पूर्ण जलस्तर - वर्तमान जलस्तर - भिन्नता
सजनाम बांध - 373.29 मी. - 368.06 मी. - 5.14 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 337.10 मी. - 4.60 मी.
जुलाई माह में बांधों का निर्धारित जलस्तर
बांध का नाम - पूर्ण जलस्तर - निर्धारित जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 373.32 मी.
शहजाद - 321.50 मी. - 320.50 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 371.50 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 395.25 मी.
जामिनी - 403.35 मी. - 395.25 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 368.00 मी.
माताटीला - 308.45 मी. - 306.32 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 325.00 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 366.00 मी.
भावनी बांध के गेट खोलकर छोड़ा गया पानी
कस्बा बार क्षेत्र में नवनिर्मित भावनी बांध का पूर्ण जलस्तर 312.38 मीटर है। बार क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हुई बारिश का असर इस बांध के जलस्तर पर पड़ा और यह 310.60 मीटर तक पहुंच गया। जिस कारण इस बांध के गेट खोलकर 142.31 क्यूसेकपानी की निकासी की गई और बांध को निर्धारित जलस्तर पर रखा गया।
एमपी में अच्छी बारिश से राजघाट व माताटीला हुए लबालब
मध्य प्रदेश क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण बेतवा नदी में पानी बढ़ गया। जिसके चलते बेतवा नदी पर बने राजघाट बांध का जलस्तर बढ़ गया, जोकि जुलाई माह में निर्धारित किए जलस्तर से अधिक रहा। इस कारण राजघाट बांध के गेट करीब एक सप्ताह तक खुले रहे और लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाता रहा। हालांकि 28 जुलाई को इस बांध के गेट भी बंद कर दिए गए। वहीं राजघाट बांध के गेट खोले जाने के कारण माताटीला बांध में पानी पहुंचा और इसका जलस्तर बढ़ गया। जिस कारण माताटीला बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई और इसे निर्धारित जलस्तर पर रखा गया।
जनपद के अधिकांश बांध अभी अपनी निर्धारित क्षमता से कम भरे हुए हैं। अभी मानसून का सीजन चल रहा है। अगस्त माह में मानसून की अच्छी बारिश होने की संभावना है। जिससे खाली चल रहे बांध भर जाएंगे।
वीएन वर्मा, जल लेखा सहायक, शिफ्ट इंचार्ज, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड