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बंद फ्लाप, खुली रहीं दुकानें

Tue, 29 Nov 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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bajar, lalitpur news - फोटो : demo
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नोट बंदी के विरोध में राजनीतिक पार्टियों द्वारा किया गया बंद फ्लाप रहा। व्यापारियों ने भारत बंद को पूरी तरह से नकारते हुए नोट बंदी को समर्थन दिया। और तो और दो घंटे पहले से दुकानें खोल लीं। कांग्रेसियों ने भारत बंद के समर्थन में मुख्य बाजार में जुलूस निकाला, जिसका भी कोई असर नहीं पड़ा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार व पांच सौ रुपए के पुराने नोट को चलन से बाहर कर दिया है। इसके बाद से ही विपक्षियों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरु कर दिया कि आम जनता व व्यापारियों को इससे काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में विपक्षी पार्टियों ने भारत सरकार के इस फैसले के विरोध में 28 नवंबर को भारत बंद रहने का एलान किया था। परेशान हो रही जनता व व्यापारियों से भारत बंद अभियान को सफल बनाने की अपील की थी। लेकिन सोमवार को बाजार को कुछ अलग ही माहौल देखने को मिला। सामान्य तौर पर शहर का बाजार दस बजे के बाद खुलता है, लेकिन व्यापारियों ने नोटबंदी को अपना समर्थन देते हुए सोमवार को सुबह आठ बजे से ही बाजार खोल लिया। भारत बंद का असर पूरी तरह से शून्य रहा। देर शाम तक बाजार खुला रहा। 
स्थिति यह रही कि जो व्यापारी नोटबंदी के बाद गत दिवसों से अपनी दुकानें बंद करे हुए थे, वह भी सोमवार को अपनी दुकानें खोले हुए दिखाई दिए। व्यापारियों का कहना था उन्होंने दुकानें इसलिए खोली हैं ताकि कोई उनको नोटबंदी की जगह भारत बंदी का समर्थक न मान ले।
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नोट बंदी के समर्थन में खुलकर बोले व्यापारी
अधिकांश व्यापारी नोटबंदी के समर्थन में हैं। प्रधान डाक घर के पीछे लेडीज कपड़ों व वेनटेक्स आभूषण की दुकान संचालित करने वाले व्यापारी सतीश सैनी ने बताया कि नोटबंदी के कारण बाजार में मंदी जरुर आई है, लेकिन आने वाले वाला समय अच्छे दिन लेकर आएगा, इसलिए वह नोटबंदी का समर्थन करते हैं। वहीं स्थानीय जैन अटा मंदिर के सामने किराने की दुकान संचालित करने वाले किराना व्यापारी प्रदीप जैन ने भी नोटबंदी को पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण व्यापारियों को नुकसान तो है, लेकिन केवल उन व्यापारियों को जो नंबर दो का काम करते हैं। इससे ईमानदार व्यापारियों को काफी फायदा हुआ है। कटरा बाजार में सर्राफा व्यापारी सुधीर साहू ने भी नोटबंदी को पूरा समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि दुकान सुबह आठ बजे ही खोल ली थी। रात को आठ बजे की जगह दस बजे तक दुकान खोले रहेंगे।


नोटबंदी का न हुआ विरोध और न हुआ हल्ला
नगर पंचायत पाली में नोट बंदी को लेकर न बाजार बंद रहा न ही किसी  विरोध के स्वर सामने आये । रोजमर्रा की तरह बाजार में दुकानें सजी रहीं। लोग खरीदारी करते रहे । इतना जरूर कि नोटबंदी का असर दुकानों पर देखने को मिल  रहा है । बाजार अभी तक गुलजार नहीं हुए। बाजार में करेंसी की कमी के कारण ग्राहक भी अतिरिक्त खरीदारी करने  से बच रहे। केवल अति उपयोगी सामानों की खरीदारी की जा रही है। वहीं विरोध व बाजार बंद का  आह्वान करने वाले दलों में शामिल पाली के नेता व उनके कार्यकर्ता कहीं भी अपना  विरोध जताते नहीं दिखाई दिए। 
वहीं कस्बा बानपुर में यही स्थिति देखने को मिली। हर रोज की तहर सोमवार को बाजार का माहौल सामान्य रहा। किसी भी व्यापारी द्वारा अपनी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद नहीं किए गए। हर जगह सामान्य स्थिति रही। कोई भी भारत बंद के समर्थन में नजर नहीं आया। बाजार में करेंसी की कमी के चलते व्यापार में मंदी जरुर है, लेकिन आने वाले दिनों को अच्छा होते देख व्यापारी नोटबंदी के समर्थन में हैं।
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