ललितपुर। स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय योजनांतर्गत स्वच्छता में उत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को रेटिंग के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तर पर चयन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। वर्ष 2004 में भारत सरकार के मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने भारत के सभी स्कूलों में बालक एवं बालिकाओं को पृथक से उपयोग के लिए शौचालय की सुविधा मुहैया कराई। इस पहल में स्कूलों व बच्चों में स्वच्छता की आदतों को प्रोत्साहन करने के लिए जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य में आवश्यक तत्वों को परिभाषित किया गया।
साबुन से हाथ धोने, संचालन व रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों एवं क्षमता निर्माण आदि इसमें शामिल हैं। इस पहल से देश भर के स्कूलों में व्यापक सुधार हुआ है। इसे ध्यान में रखकर विद्यालय पुरस्कार की योजना बनाई गई है। यह पुरस्कार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सभी सरकारी स्कूलों के लिए होगा। जनपद स्तरीय पुरस्कार घोषित करने की तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। जनपद स्तर पर चिह्नित पांच स्टार (ग्रीन) एवं चार स्टार (ब्लू) विद्यालयों को राज्य स्तरीय पुरस्कार देने के लिए विचार किया जाएगा।
यह है जिलास्तरीय समिति
डीएम अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में बीएसए, तीन प्रख्यात शिक्षक, जल निगम के अधिशासी अभियंता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, गैर सरकारी संगठनों के दो सदस्य शामिल होंगे।
यह रहेगा चयन का मानक
उच्चतम स्कोर वाले विद्यालयों को जनपद स्तर पर प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में तीन प्राथमिक व इतने ही उच्च प्राथमिक विद्यालय, नगरीय क्षेत्र में एक प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय, उच्चतम उप श्रेणी स्कोर में ग्रामीण क्षेत्र के तीन प्राथमिक, इतने ही उच्च प्राथमिक विद्यालय, नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक उप श्रेणी में एक प्राथमिक एवं एक उच्च प्राथमिक विद्यालय चुने जाएंगे।
स्कूलों की तय होगी रेटिंग
स्कूलों को पुरस्कार देने से उनकी पहले रेटिंग तय की जाएगी। मानदंड का नब्बे से सौ प्रतिशत होने पर उसे पांच स्टार ग्रीन दिए जाएंगे। पचहत्तर से नवासी प्रतिशत पर चार स्टार ब्लू, इक्यावन से चौहत्तर प्रतिशत पर तीन स्टार यलो, पैंतीस से पचास प्रतिशत पर दो स्टार ओरेंज, पैंतीस प्रतिशत से कम पर अपर्याप्त माना जाएगा।