ललितपुर। बजाज फाइनेंस फ्राॅड मामले में आरोपी को गैर कानूनी अभिरक्षा के संबंध में सीसीटीवी फुटेज तलब किए जाने की मांग मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय से की गई थी। इस मामले में आदेश के बाद भी कोतवाली पुलिस द्वारा आख्या प्रस्तुत नहीं की गई, जिस पर न्यायालय ने एसपी को नोटिस जारी कर विवेचक को तलब कर बुधवार को स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
शहर के मोहल्ला नेहरूनगर निवासी सोफिया ने बीते 16 सितंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि बजाज फाइनेंस फ्रॉड मामले में उसकी मां, भाई व पिता जहीर खान को कोतवाली पुलिस 14 सितंबर को दोपहर के समय अपने साथ गिरफ्तार करके लाई। लेकिन उसे आज तक की सुनवाई के समय तक न ही गिरफ्तार होना बताया गया है और न ही किसी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
आरोप लगाते हुए बताया कि अनधिकृत रूप से नियम विरूद्ध तरीके से मुल्जिम को गिरफ्तार किया गया है। यहां तक कि न तो उनसे मिलने दिया जा रहा है और न ही कोई पता बताया जा रहा है। उसने इसके संबंध में आईजीआरएस पर भी प्रार्थना पत्र भेजा है और मानवाधिकार व संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किए जाने और पूछताछ के नाम पर जबरन उत्पीड़न का आरोप लगाया। उसने यह भी आरोप लगाए कि उसकी मां की गिरफ्तारी के संबंध में कोतवाली पुलिस द्वारा थाने के अभिलेखों में कोई इंद्राज नहीं किया गया और न ही गिरफ्तारी से न्यायालय को अवगत कराया।
इसके चलते उसने न्यायालय से संबंधित अभिलेखों व सीसीटीवी फुटेज तलब किए जाने की मांग की। उक्त मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर गुप्ता की अदालत ने मंगलवार को प्रभारी विवेचक कोतवाली को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया कि सरकार बनाम सानू उर्फ राशिद खान पर दर्ज मुकदमा के प्रकरण में सोफिया पुत्री जहीर खान द्वारा गैर कानूनी अभिरक्षा के संबंध में सीसीटीवी फुटेज तलब किए जाने को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर 19 सितंबर को पीठासीन अधिकारी ने थाने से आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक न्यायालय में कोई आख्या नहीं दी गई।
अधिवक्ता लखन यादव ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में प्रभारी विवेचक कोतवाली को 24 सितंबर को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न होने की दशा में यह माना जाएगा कि प्रभारी विवेचक को कुछ नहीं कहना है, जिस पर उनके खिलाफ विधि संगत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।