ललितपुर। शहर का चिंतन पार्क अब बदतर हालत में है। यह पार्क बाबू ज्ञानचंद अलया की स्मृति में बनाया गया था। इसकी सुंदरता बिगड़ रही है और लोग यहां आने से कतराने लगे हैं।
पार्क के मुख्य गेट के पास गंदगी पसरी रहती है और इसकी चहारदीवारी शराब पीने वालों का ठिकाना बन गई है। शराबी शराब पीने के बाद खाली बोतलें और गिलास पार्क के अंदर फेंक देते हैं। सुपर बाजार से सटे इस पार्क में बाबू ज्ञानचंद अलया की प्रतिमा स्थापित है। राहगीरों द्वारा मुख्य गेट के पास बाथरूम किए जाने से बदबू फैलती है। पार्क की सड़क बत्ती भी बंद मिली, जिससे शाम ढलते ही शराबी यहां जुटते हैं।
देखरेख से लौटेगी पार्क की रौनक
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों की नियमित सफाई और देखरेख जरूरी है। उन्होंने पार्क में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां और बेंच लगाने की मांग की है। गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही गई। इन उपायों से इस स्थान का बेहतर उपयोग हो सकता है।
-
फोटो 52
बाबूजी के नाम से नगरपालिका ने पार्क निर्माण कराया गया था। जितना होता है, हम लोग पार्क पर ध्यान देते रहते हैं। नगरपालिका के कर्मचारी भी नियमित रूप से ध्यान दें तो पार्क की खूबसूरती में चार चांद लग सकते हैं। शराबियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे पार्क सुरक्षित बना रहे।
अक्षय अलया
-
फोटो 53
पार्क बना दिए गए, मगर उनकी देखरेख पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पार्कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के साथ उनकी साफ-सफाई जरूरी है। बाबू ज्ञानचंद अलया की स्मृति में बने इस पार्क की स्थिति सुधारने के लिए नगरपालिका को ठोस कदम उठाने चाहिए।
शशिकांत दीक्षित
कई बार पार्क परिसर में शराबियों को बैठने से मना किया, लेकिन वह मानते नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा, साथ ही प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
आलोक जैन मयूर
सभासद