घंटाघर पर धरना को बैठे आनंद, प्रमोद व रोशनी
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ललितपुर। तालबेहट क्षेत्र के एक स्कूल में दो वर्ष पहले अध्यापिका की पिटाई से कक्षा चार की छात्रा की आंख रोशनी जाने के मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। अध्यापिका द्वारा छात्रा की मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया गया तो बच्चों ने मां को छुड़ाने और मुकदमा में धाराएं बढ़ाने के लिए मुख्यालय स्थित घंटाघर पर धरना शुरू कर दिया है।
तालबेहट के मोहल्ला चौबयाना निवासी आनंद, प्रमोद पुत्र मौजी एवं उसकी बहन रोशनी बुधवार को अपनी मां को न्याय दिलाने के लिए घंटाघर पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में बताया कि डीसी रोड स्कूल तालबेहट में कार्यरत एक अध्यापिका ने कक्षा चार की छात्रा रोशनी को आंख में जोर से थप्पड़ मार दिया था, जिससे आंख खराब हो गई। दो जनवरी 2021 को तालबेहट पुलिस ने मारपीट व जान से मारने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोप है कि उक्त रिपोर्ट पुलिस ने सही धाराओं में दर्ज नहीं की और न ही कोई कार्रवाई की। जब उसकी मां घंटाघर पर अनशन पर बैठी तो दो फरवरी 2021 को पुलिस ने उसकी मां ममता को पकड़कर बंद कर दिया। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने और उसकी मां को पुलिस द्वारा पकड़कर बंद किए जाने पर वह अब अनशन पर बैठ रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मां को पुलिस से छुड़वाए जाने की मांग की है।
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महिला द्वारा अध्यापिका के खिलाफ पुत्री को मारने से आंख की रोशनी जाने की शिकायत की थी। उस समय मुकदमा लिखा गया था। डेढ़ महीने पहले अध्यापिका और बीएसए पर एक मुकदमा नामजद किया गया था। बच्ची का मेडिकल परीक्षण ललितपुर व झांसी में कराया गया, लेकिन आंख की रोशनी जाने की पुष्टि नहीं हो रही। दूसरा मुकदमा अध्यापिका की ओर से महिला ममता और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ लगातार उनसे पैसे की मांग को लेकर लिखाया गया था। पैसों की बात प्रमाणित होने पर ममता को जेल भेजा गया है। दोनों मुकदमों में विधिवत कार्रवाई की जा रही है।
- प्रमोद कुमार, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर।