कैप्सन - कृषि कार्य में सहयोग करते छोटे- छोटे बच्चे
- फोटो : TALDEHATE
बिजरौठा/तालबेहट। कोरोना वायरस के प्रकोप से जनता को निजात दिलाने के लिए जहां पूरे देश में लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ा दिया गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपना समय व्यतीत करना मुसीबत भरा हो रहा है। ऐसी हालत में अभिभावकों ने उनसे कृषि और गृहस्थी के काम लेना शुरू कर दिया है। इस समय शहरी क्षेत्र में रहने वाले युवा व बच्चे टेलीविजन, मोबाइल एवं अन्य सोशल मीडिया सहित घरों में इनडोर गेम्स खेल कर अपना समय गुजर ले रहे हैं, परंतु ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपना समय गुजारना मुसीबत भरा हो रहा है। वह न तो बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल सकते हैं और न ही उनके घर में समय व्यतीत करने के साधन हैं। ऐसी हालत में अधिकांश माता- पिता अपने बच्चों को साथ ले जाकर खेत पर उनसे कृषि कार्य ले रहे हैं या गृहस्थी के काम में सहयोग लेकर उनको व्यस्त रखने का काम कर रहे हैं। अधिकांश लोगों का आरोप है कि टीवी पर कई सीरियल शुरू किए हैं, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सही नहीं होने से उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लॉकडाउन के कारण छोटे- छोटे बच्चे दोपहर में खुले में नहीं घूम पा रहे हैं। उन्हें सुबह- शाम गृहस्थी के काम में व्यस्त रखा जा रहा है। इससे हम लोगों को आराम मिला और उन्होंने काम भी सीखा है।
- रामसखी कुशवाहा
मजदूर नहीं मिलने से बच्चों ने कृषि कार्य में सहयोग किया है। इससे उन्हें खेती का काम सीखने का मौका मिला और हम लोगों का काफी आसानी हुई। इस कार्य में सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया।
- रामकिशोर कुशवाहा