ललितपुर। जिले के प्रभारी मंत्री के भ्रमण की बुकलेट तैयार नहीं कराना तथा नोडल अधिकारी/मंडलायुक्त के आदेश की अवहेलना करना जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भारी पड़ गया। उन्हें जिलाधिकारी ने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है, जबकि संबंधित लिपिक शनि वांगर को निलंबित कर दिया है।
मंडलायुक्त/जिले के नोडल अधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों के प्रभावी अनुश्रवण के लिए जिला अर्थ और संख्याधिकारी बृजकिशोर वर्मा को बुकलेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं दो जनवरी को प्रभारी मंत्री की बैठक में निर्देश दिए गए थे कि विकास कार्यों की बुकलेट जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कराएं। इसके बाद आठ जनवरी को भी निर्देश दिए गए थे। 18 फरवरी को दोबारा निर्देश दिए गए कि 50 लाख रुपये से अधिक लागत की अधूरी परियोजनाओं की सूची तैयार कराएं। इसका नोडल नियोजन विभाग है, इसलिए उसी की जिम्मेदारी है कि वह बुकलेट तैयार कराए। लेकिन, 16 मार्च को हुई बैठक में भी बुकलेट तैयार नहीं कराई गई तथा बैठक में रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बृजकिशोर वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
इतना ही नहीं 16 मार्च को आयोजित की गई मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में जब लिपिक शनि वांगर से इस संबंध में पूछा गया तो लिपिक ने मुख्य विकास अधिकारी को मना कर दिया कि यह मेरा कार्य नहीं है। नोडल अधिकारी/ मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक शनि वांगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।