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आठ वर्षीय मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज

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आठ वर्षीय मासूम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज
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ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भदैयापुरा निवासी दीपक कुशवाहा के आठ वर्षीय पुत्र हर्ष के अपहरण के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग का कहना है कि बालक को बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज किया गया है। इसे बरामदगी के लिए टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही उसे सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
दीपक कुशवाहा ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह बुधवार को मजदूरी के लिए गया था, जबकि उसकी पत्नी बाजार गई थी। घर में उसका 12 वर्षीय भतीजा शुभम, आठ वर्षीय पुत्र हर्ष एवं पांच वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी। वह घर के बाहर खेल रहे थे। हर्ष घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कुछ लोग उसे बहला फुसलाकर भगा ले गए। जब उसकी पत्नी बाजार से घर लौटी तो हर्ष उनको नहीं मिला। आसपास भी न मिलने पर उसने पति को फोन पर जानकारी दी। दीपक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मासूम को बहला फुसला कर भगा ले जाने के मामले में मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में स्वॉट व सर्विलांस के अलावा अन्य टीमों को भी मासूम की खोजबीन में लगाया है। लगातार टीमें हर गतिविधि पर नजर रखे हैं।
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बहन ने खोले कई राज
अपहृत मासूम हर्ष बुधवार की दोपहर करीब ढाई बजे बहन छोटी और दीपिका के साथ घर के बाहर गली में ही खेल रहा था। बहन दीपिका ने परिजनों को बताया कि मुहल्ले के ही दो युवक आए और उसे पहले बीड़ी का बंडल लेने के लिए एक दुकान पर भेज दिया। इसके बाद जब वह कुछ ही देर में वापस आई और बंडल दिया तो उस समय हर्ष वहीं था। इस पर उक्त युवकों ने उसे बंडल बदलकर दूसरा बंडल लाने के लिए भेज दिया। जब वह बंडल बदलकर लाई तो उक्त लोगों ने उसे मोबाइल दे दिया जिससे वह मोबाइल में गेम खेलने लगी लेकिन उस समय वहां हर्ष मौजूद नहीं था। उसने बताया कि उनके साथ दो युवक बाइक से थे। वह बोरे में कुछ ले जा रहे थे जिससे वह कुछ समझ नहीं पाई और मोबाइल खेलने में व्यस्त हो गई। जब उसकी मां लौटकर आई और हर्ष के बारे में पूछा, लेकिन उसे हर्ष के बारे में कुछ भी पता नहीं था। वहीं उसे बेहोश कर बोरे में तो नहीं ले जाया गया।
ऐसे किया परिजनों व पुलिस को गुमराह
जब परिजन मासूम बेटे को खोज रहे थे तो उन्हें घर के सामने ही सड़क के दूसरी ओर एक निर्माणाधीन मकान में बने शौचालय के लिए बनाए गए नवनिर्मित टैंक के पास हर्ष की चप्पलें पड़ी मिलीं, जिस पर परिजन व मुहल्लेवासी किसी अनहोनी की आशंका से व्यथित हो गए और मासूम की खोज में पानी से टैंक को खाली कराया गया। हालांकि यहां उन्हें हर्ष नहीं मिला।
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फिरौती के फोन ने बढ़ाया तनाव
दीपक के पुत्र हर्ष का जब अपहरण हुआ तो कुछ ही दो से ढाई घंटे के भीतर ही दीपक के मोबाइल पर बच्चे को सुरक्षित वापस देने के एवज में पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। इस घटनाक्रम की सूचना दीपक ने पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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