सीजेएम का प्रशासनिक आदेश, पहले अभियोजन कार्यालय में होगी संवीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अब कोई भी आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट सीधे न्यायालय में दाखिल नहीं की जाएगी। इसे पहले अनिवार्य रूप से अभियोजन कार्यालय में संवीक्षा के लिए भेजा जाएगा।
जारी आदेश में बताया गया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रमाशंकर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (निर्णीत 17 अगस्त 2021) प्रकरण में दिए गए अभिमत तथा उच्चतम न्यायालय के गुजरात राज्य बनाम किशनभाई (2014 (5) एससीसी 108) के निर्णय के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही, पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक प्रत्येक विवेचना पूर्ण होने के बाद विवेचक आरोप पत्र या अंतिम आख्या को क्षेत्राधिकारी के माध्यम से केस डायरी सहित अभियोजन कार्यालय को भेजेगा। यहां अभियोजन अधिकारी द्वारा केस डायरी का अवलोकन व परीक्षण कर संकलित साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
पूर्ण परीक्षण के बाद अभियोजन अधिकारी की संस्तुति के उपरांत ही आरोप पत्र या अंतिम आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। सीजेएम ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक और संयुक्त अभियोजन कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि अभियोजन की जांच रिपोर्ट के बिना कोई भी आरोप पत्र या अंतिम आख्या न्यायालय में स्वीकार न की जाए।