ललितपुर। त्योहारों के चलते ट्रेनों में बढ़ रही भीड़ के बीच रविवार को ललितपुर स्टेशन पर पंजाब मेल में चढ़ने-उतरने के दौरान अफरातफरी मच गई। जनरल कोचों में चढ़ने के लिए प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ जुट गई। इसी बीच ट्रेन चलने लगी तो कई यात्री चढ़ने के प्रयास में प्लेटफार्म पर गिर पड़े। अन्य यात्रियों ने उन्हें संभाला। गनीमत रही कि कोई यात्री पटरियों पर नहीं गिरा। वहीं, करीब 70 यात्रियों की ट्रेन छूट गई।
दशहरा की छुट्टी की वजह से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। रविवार को अप रूट की पंजाब मेल 33 मिनट की देरी से दोपहर 1:58 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। ट्रेन आते ही बड़ी संख्या में यात्री जनरल कोचों में चढ़ने के लिए उनके सामने जुट गए। ट्रेन रुकने के बाद भीड़ और बढ़ गई। इससे कोचों से उतरने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई। यात्री चढ़ने की कोशिश कर रहे थे और कोचों से सभी यात्री उतर भी नहीं पाए थे कि निर्धारित ठहराव का समय पूरा होने पर ट्रेन चलने लगी। इसके बाद चढ़ने और उतरने को लेकर अफरातफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे भी सामान लेकर कोचों में चढ़ने के लिए दौड़ने लगे, लेकिन दरवाजों पर उतरने वाले यात्रियों की भीड़ होने से उन्हें जगह नहीं मिल सकी। ट्रेन की गति बढ़ने के साथ ही करीब 70 यात्रियों की ट्रेन छूट गई।
इस दौरान कुछ यात्री ट्रेन से उतरने की हड़बड़ी में प्लेटफार्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों ने उन्हें सहारा देकर संभाला। ट्रेन की गति धीमी होने के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ट्रेन छूटने के बाद यात्री प्लेटफार्म पर ही दूसरी ट्रेन का इंतजार करते रहे। दोपहर 3:33 बजे हीराकुंड एक्सप्रेस आने पर कई यात्रियों ने उससे यात्रा की।
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कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बीना यार्ड रीमॉडलिंग और परिचालन संबंधी कारणों से रविवार को अप और डाउन रूट की कई ट्रेनें घंटों देरी से ललितपुर स्टेशन पहुंचीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डाउन रूट की राप्तीसागर एक्सप्रेस तीन घंटे, श्रीधाम एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, उत्कल एक्सप्रेस चार घंटे 53 मिनट, सचखंड एक्सप्रेस चार घंटे 40 मिनट, हीराकुंड एक्सप्रेस छह घंटे और सीतापुर एक्सप्रेस 10 घंटे 30 मिनट की देरी से आई। समता एक्सप्रेस पांच घंटे पांच मिनट, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस करीब सवा दस घंटे, झेलम एक्सप्रेस दो घंटे 51 मिनट और लखनऊ एक्सप्रेस ढाई घंटे देरी से पहुंची। पंजाबमेल 6 घंटे 20 मिनट, शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, कुशीनगर एक्सप्रेस नौ घंटे, अमृतसर-पठानकोट एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे और तुलसी एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से आई। अप रूट की शताब्दी एक्सप्रेस आधे घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस करीब 16 घंटे 15 मिनट और भुसावल-गोंडवाना एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से पहुंची।
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साबरमती का बदला रूट, मेमू 25 अक्तूबर तक निरस्त
ललितपुर। बीना रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के बाद फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिलने से ललितपुर-बीना मेमू ट्रेन को 25 अक्तूबर तक निरस्त कर दिया गया है। वहीं, साबरमती एक्सप्रेस को मालखेड़ी स्टेशन होकर संचालित किया जाएगा।
बीना स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद प्लेटफार्म और लाइन का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है। इसके चलते यार्ड रीमॉडलिंग के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने का काम फिर शुरू किया गया है। इसी कारण साबरमती एक्सप्रेस का रूट बदला गया है।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन नंबर 19167 अहमदाबाद-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस 19, 20, 22 और 24 अक्तूबर को अपने निर्धारित मार्ग महादेवखेड़ी-बीना-आगासौद के बजाय महादेवखेड़ी-मालखेड़ी-आगासौद मार्ग से संचालित होगी। वहीं, ट्रेन नंबर 19168 वाराणसी सिटी-अहमदाबाद एक्सप्रेस 18, 20, 22 और 23 अक्तूबर को आगासौद-बीना-महादेवखेड़ी मार्ग के बजाय आगासौद-मालखेड़ी-महादेवखेड़ी मार्ग से चलेगी। ललितपुर-बीना मेमू को पहले 21 अक्तूबर तक निरस्त किया गया था, लेकिन अब इसकी निरस्तीकरण अवधि बढ़ाकर 25 अक्तूबर कर दी गई है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बीना स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के चलते यह निर्णय लिया गया है। संवाद