आंखों के सत्यापन में दिक्कत, भुगतान में देरी, किसानों को रातभर करनी पड़ रही रखवाली
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गेहूं क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के चलते खरीद प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई केंद्रों पर पॉश मशीनें ठीक से काम नहीं कर रहीं, वहीं आंखों के जरिए सत्यापन में भी दिक्कतें आ रही हैं। बारदाने की कमी से खरीद बाधित है और कई किसानों को अब तक भुगतान भी नहीं मिल सका है। हालात यह हैं कि किसानों को रातभर जागकर अपने गेहूं की रखवाली करनी पड़ रही है।
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मंडी में तैनात सुरक्षा गार्ड रहते हैं नदारद
बांसी । ब्लॉक क्षेत्र के बरौदा डांग स्थित बुंदेलखंड पैकेज से बनी मंडी में सरेवास कलां समिति के क्रय केंद्र पर 16 अप्रैल तक गेहूं बिक्री के लिए 290 किसानों ने पंजीकरण कराया है। छह अप्रैल से 16 अप्रैल तक मात्र 24 किसान ही 1369 क्विंटल गेहूं बेच सके हैं, जबकि अभी तक किसानों को भुगतान नहीं मिला है। केंद्र पर पॉश मशीनें तीन घंटे चार्ज होने के बाद केवल आधे घंटे ही चल पा रही हैं। इस बार अंगूठे की जगह आंखों से सत्यापन हो रहा है, लेकिन कई किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि 10 दिनों में बेहद कम खरीद हो सकी है। क्रय केंद्र पर खरीदे गए गेहूं का उठान न होने से गोदाम भर गए हैं। बारदाने की भी कमी बनी हुई है। मंडी में तैनात सुरक्षा गार्ड भी नियमित रूप से नहीं आ रहे, जिससे गेहूं चोरी की आशंका बनी हुई है। संवाद
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किसान बोले :
10 अप्रैल को 41 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन अब तक खाते में एक रुपया भी नहीं आया।”
— राजेंद्र सिंह, किसान, रामपुर
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गार्ड के न आने की सूचना मंडी परिषद सचिव को दे दी गई है। गेहूं का उठान और बारदाने की व्यवस्था पीसीएफ की जिम्मेदारी है।
— कमल किशोर बबेले, समिति सचिव एवं केंद्र प्रभारी
मच्छरों के आतंक से रात काटना किसानों को हो रही मुश्किल
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महरौनी । मंडी परिसर के गेहूं क्रय केंद्र पर हजारों क्विंटल गेहूं तौल के इंतजार में पड़ा है। किसान रात-रात भर अपने अनाज की रखवाली कर रहे हैं। मच्छरों के कारण उन्हें रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। कई किसान आठ से 12 दिनों से मंडी में डटे हुए हैं। बारदाने की कमी के कारण पिछले छह दिनों से तौल बंद है। किसानों ने एसडीएम से शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्रों पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न छाया और न ही बैठने की सुविधा। मंडी में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और आरएफसी केंद्रों पर गेहूं के ढेर लगे हैं और ट्रैक्टरों में भी अनाज लदा हुआ है। संवाद
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आठ दिन से तौल नहीं हो पाई है। छह दिन से बारदाना नहीं है। अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
— सोबरन सिंह यादव, किसान, ग्राम खेरा
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तौल में देरी, छाया और पानी की समस्याएं
मड़ावरा । तहसील स्थित मंडी में दो गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं। एफसीआई केंद्र पर दो सप्ताह से अधिक समय से बारदाना न होने के कारण खरीद ठप है, जिससे किसान मंडी में डेरा डाले हुए हैं। वहीं पीसीएफ केंद्र पर बारदाना उपलब्ध होने के बावजूद समय से तौल नहीं की जा रही। किसानों का आरोप है कि चुनिंदा लोगों के गेहूं की ही तौल की जा रही है। दोनों केंद्रों पर किसानों के लिए छाया और शीतल पेयजल की व्यवस्था नहीं है। सुविधा शुल्क लेकर तौल कराने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। संवाद
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बारदाने की कमी से आठ दिन से ट्रैक्टर खड़े हैं, तौल नहीं हो रही। जल्द व्यवस्था कराई जाए।
— शिवलाल, किसान, हंसरा