ललितपुर। तहसील पाली एवं ललितपुर के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में जनवरी के अंतिम सप्ताह में पाला पड़ने से खेतों में खड़ी चना, मसूर और मटर की फसलें खराब हो गई हैं। इससे किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। इसके बाद भी उन्हें राहत नहीं पहुंचाई जा रही है।
तहसील पाली के ग्राम करमरा, पाली, पटौआ, कैथोरा, ठगारी, पड़ना, डोंगराकलां, उमरिया, पिपरिया, बेटना, बंगरिया, सलैया, नीमखेरा, कलरव, कलौथरा, नीमखेरा, सिंगेपुर, हरपुरा, बछलापुर, सतौरा, रीछपुरा, हरपुरा एवं ललितपुर तहसील के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बम्हौरी, बिरधा, सतरवांस, ऐरावनी, घटवार, मसौरा, जिजयावन, मैलवारा, रजवारा, पनारी, रघुनाथपुरा आदि गांव में चना, मसूर और मटर फसलें खराब हो गई हैं, ऐसा पिछले माह जनवरी के अंतिम सप्ताह में अधिक ठंड पड़ने से हुआ है। फसल खराब होने से किसानों को कर्ज की चिंता सताने लगी है। उधर, छत्रसाल सिंह का कहना है कि फसलों का नुकसान होने से कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
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पाला लगने से फसलों में बहुत नुकसान हो गया है। किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। कई किसानों को अपनी बेटियों की शादी की चिंता सता रही है। वहीं, कुछ किसानों का कर्जा बढ़ता जा रहा है। किसान देशराज सिंह
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत किसानों के खातों से जो बीमा की धनराशि काटी गई है, उसमें से किसानों को 25000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिलाया जाए। सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति की धनराशि दिलाई जाए। मुकेश करमरा किसान नेता