ललितपुर। फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर बैंकों में वित्तीय लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में हो रही मनमानी पर रोक लगाने व रेजगारी नहीं लेने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि प्रधानमंत्री कैशलेस वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। डिजिटल लेनदेन के लिए जनता को प्रोत्साहित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सभी सरकारी व प्राइवेट बैंकों में वित्तीय लेनदेन पर लगने वाले शुल्क के नाम पर उपभोक्ताओं से खुली लूट की जा रही है। चालू खाता व बचत खाते में मिनिमम बैलेंस से लेकर चेक, एटीएम ट्रांजेक्शन, आरटीजीएस, इमिडीएट पेमेंट सर्विस, फंड ट्रांसफर, मेंटीनेंस चार्ज, एसएमएस चार्ज, स्टेटमेंट चार्ज, सहित ऋण दस्तावेजों के लिए शुल्क को बढ़ाकर इतना अधिक कर दिया है कि आम आदमी और व्यापारी सभी परेशान हैं। नगद लेनदेन करने वाले व्यापारियों पर यह शुल्क इतना अधिक पड़ रहा है कि कई के व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। सभी बैंकों के शुल्क अलग-अलग है। कई बार ग्राहकों के खाते से बगैर सूचना दिए पैसा काट दिया जाता है। बैंक एक तरह से व्यापार में जबरदस्ती का मुनाफे में हिस्सेदार बन गया है। वहीं, अधिकतर बैंक रेजगारी लेने में आनाकानी कर रही हैं, जिससे व्यापारियों की कारोबारी रकम खत्म होने की कगार पर है। रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के आधार पर सभी बैंकों में समान शुल्क लगाए जाएं व सभी बैंकों को रेजगारी जमा करने के निर्देश जारी किए जाए, जिससे आम आदमी व व्यापारी प्रभावित न हो। इस मौके पर अभय चौबे, करीम पप्पू, मो. इब्राहिम, विशाल रावत, बृजेश ताम्रकार, दीपक जैन, निक्की, राहुल साहू, इस्लाम राइन, जगदीश वर्मा, पवन कुशवाहा, प्रदीप साहू, फूलचंद राय, आरिफ पठान, मनीष सोनी, पप्पू सेन, विकास सोनी, रोशन कुशवाहा, धरमवीर सिंह मौजूद रहे।