ललितपुर। शहर के चांदमारी क्षेत्र में अवैध भवन व कॉलोनी को नियमित करने पर रोक लगाने की मांग को लेकर चौबयाना निवासी रमेशचंद्र चौबे ने डीएम को पत्र सौंपा है।
रमेश चंद्र चौबे ने कहा है कि कि यह भूमि चौबे हरिहर नारायण समेत 80 परिवारों के मूल स्वामित्व की है। भूमि में कुछ हिस्सेदारों द्वारा अवैध रूप से नियमों के विपरीत अपना नाम खुद काश्तकार में दर्ज करा लिया गया था। उनके द्वारा अवैध रूप से भूमि का बैनामा कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नगरपालिका द्वारा रोक नहीं लगाई गई तो उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
यूपी टेनेंसी एक्ट के अनुसार इस प्रकार के अवैध विक्रय की भूमि पुन: जमींदार के स्वामित्व में दर्ज किए जाने की व्यवस्था है, लेकिन कानूनी जानकारी के अभाव में एवं लेखपालों की मिलीभगत से भूमि आज भी खसरा खतौनी में खुद काश्तकार के रूप में दर्ज है जबकि इस भूमि पर किसी भी हिस्सेदार द्वारा कोई कृषि कार्य नहीं किया जा रहा है। भूमि में अवैध रूप से हुए शून्य बैनामों के आधार पर अवैध कॉलोनी निर्मित की गई है। इसके संबंध में कभी कोई नक्शे स्वीकृत नहीं हुए हैं। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की उदासीनता और मौन स्वीकृति के कारण उक्त भूमि पर लगातार अवैध निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत हो रहे हैं। अवैध कॉलोनी को नियमित करने के लिये शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया था, लेकिन भूमि के स्वामित्व के बारे में कभी कोई विचार नहीं किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी से चांदमारी क्षेत्र में निर्मित अवैध भवन एव अवैध कॉलोनी को नियमित करने के लिए पारित प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाते हुए अवैध भूमि के बैनामों के आधार पर मानचित्र स्वीकृत न करने की मांग की है। उन्होंने
बेची जा रही जमीन
ललितपुर। जनपद स्थित नगरीय इलाके में जमींदार परिवार से संबंधित लोगों के नाम पर खुदकास्त जमीन बड़े पैमाने पर दर्ज है। नियमानुसार इस जमीन पर संबंधित परिवारों के लोग भरण पोषण के लिए सिर्फ खेती ही कर सकते हैं। इसके अलावा जमीन पर निर्माण कराने, बेचने का अधिकार उनके पास नहीं है। बावजूद इसके बुढ़वार रोड व चांदमारी के आसपास खुदकास्त की जमीन पर अवैध रूप से भूस्वामियों ने कॉलोनियां विकसित कर दी हैं। सीमित पूंजी वाले लोगों व जरूरतमंदों ने अपने घर की ख्वाहिश में जमीन खरीदकर घर बना लिए और जमीन के संबंध में जानकारी तक नहीं की। यह क्रम जारी है।
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विनियमित क्षेत्र मास्टर प्लान को देखकर विचार करेंगे। पूरे मामले का अध्ययन कर मास्टर प्लान के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
ए. दिनेश कुमार, जिलाधिकारी