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लेखपालों की हड़ताल से नहीं बन पा रहे आय, जाति व निवास

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ललितपुर। लेखपाल संघ के आह्वान पर विभिन्न मांगों के समर्थन में की जा रही हड़ताल से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाना मुश्किल हो गया है। विशेषकर, लेखपाल उन ग्रामों का काम नहीं कर रहे हैं, जिन गांवों का उन्हें अतिरिक्त काम देखना पड़ रहा था। यहां तक कि कानूनगो भी अतिरिक्त गांवों का काम देखने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे समस्या जटिल रूप धारण करती जा रही है।
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लेखपालों द्वारा एसीपी विसंगति, पेंशन विसंगति, अट्ठाइस सौ रुपये ग्रेड पे आदि मांगों के समर्थन में आंदोलन किया जा रहा है। बीते दिनों लेखपालों ने शहर में बाइक रैली निकाली थी। इस आंदोलन को देखकर शासन ने कानूनगो की आईडी जारी कर काम लेने के लिए निर्देश दिए थे। लेकिन, उत्तर प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ लेखपालों के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
निरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह का कहना है कि कानूनगो को लेखपाल संवर्ग के पदीय कार्य कराने के लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जाए। वर्तमान में लेखपाल संघ द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में चलाए जा रहे आंदोलन के अंतर्गत अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते लेखपालों ने जमा कर दिए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नकल, खसरा एवं भूमि प्रमाण पत्र, आईजीआरएस, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व निरीक्षक से कराए जाने के लिए आदेशित किया जा रहा है, जिसके लिए कानूनगो तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जा चुका है। ऐसे में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाना मुश्किल हो गया है। तमाम लोग तहसील व जनसेवा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र नहीं बनने से निराशा हाथ लग रही है। कई लोग शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने से वंचित होते दिखाई दे रहे हैं।
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लेखपालों ने अतिरिक्त ग्रामों के बस्ता तहसील में जमा करा दिए हैं। इनमें तहसील सदर के ग्राम बर्जरा, पटसेमरा, मिर्चवारा, सतरवांस, बुढवार, फौजपुरा, मलावनी, रजवारा, मऊमाफी, दैलवारा, लखनपुरा, भौंरसिल, गनगौरा, खुरा, पंचमपुर, बिरौरा, मनगुंवा, थनवारा, टौरिया, नैगांयकलां, नैगांयखुर्द, चमरऊआ, रानीपुरा, सुरवारा, गैदोरा, बकलवारा, दावनी, परौंदा, सिवनीकलां, चौसा, नयागांव, नुनावली, बरदेही, कचनौंदाघाट, जीरोन, ऐरा, बारौद, देवगढ़, कुचदों, गढौली, बिरारी, बिजोरी आदि गांव शामिल हैं।
तहसील सदर में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र की कई आवेदनों पर लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इनमें अनामिका का जन्म प्रमाण पत्र अटका है। इसका फार्म तीन अक्तूबर को फारवर्ड किया गया था। इसी प्रकार नैनसी का आवेदन भी इसी तिथि में फारवर्ड हुआ था, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बन सका है।
तहसील में समस्या कम नहीं हो रही हैं। आज इंटरनेट फेल होने से नकल नहीं निकल पाई, साथ ही 61- ख बनवाने के लिए आए थे तो मौके पर लेखपाल नहीं मिले। बताया गया कि लेखपालों की हड़ताल चल रही है। हम जैसे कई किसान तहसील से मायूस होकर लौट गए हैं।
- पार सिंह
आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कइयों ने आवेदन किए हैं लेकिन लेखपालों की हड़ताल के कारण इन पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इस वजह से आवेदकों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। यह पता नहीं चल रहा है कि लेखपालों की हड़ताल कब खत्म होगी?
- किशन राजपूत
जनसेवा केंद्र संचालक
ससुर के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। इससे वह मांगे जाने के बाद भी इस प्रमाण पत्र को प्रस्तुत नहीं कर पा रही है। कई बार अधिकारियों को इससे अवगत करा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अब तो प्रमाण पत्र बनने की उम्मीद कम लगने लगी है।
- राधा
तहसील पाली में जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। पंद्रह से बीस दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र नहीं बन सका है। रोज जनसेवा केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। संचालक का कहना है कि इस पर रिपोर्ट नहीं लग रही है, जिससे प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहा है।
- साहिद सिंह
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लेखपालों का प्रदेश स्तर का आंदोलन चल रहा है। उन्होंने तीस अतिरिक्त ग्रामों का बस्ता जमा करा दिया है। इस संबंध में वह जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप चुके हैं। मैने भी स्वयं जिलाधिकारी को अवगत करा दिया है। शासन ने कानूनगो की आईडी बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कानूनगो ने कार्य करने से मना कर दिया है। इस स्थिति में प्रमाण पत्रों के बनाने की समस्या है।
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- मनोज कुमार सरोज, तहसीलदार सदर
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