ललितपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का एक दल जिले
में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के क्रियान्वयन की हकीकत परखने
के लिए आया है। तीन सदस्यीय यह दल तीन दिन जिले में रहेगा। बुधवार को
केंद्रीय दल ने जिले में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हकीकत देखी।
बुधवार
को पॉपुलेशन रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर डा. सुरेश शर्मा अपने दो सहयोगी छवि
और मनीषा के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले महिला
चिकित्सालय में भर्ती प्रसूताओं से अस्पताल की ओर से मिल रही सुविधाओं के
बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने आशाओं और प्रसूताओं को मिल रही
प्रोत्साहन राशि से संबंधित दस्तावेजों का खंगाला। इस दौरान कुछ राशि के
आदान-प्रदान पर उन्होंने सवाल भी पूछे।
डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि
उनकी टीम तीन दिन में जिले में एनआरएचएम योजना के तहत उपलब्ध कराई गई राशि,
उसके उपयोग, मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं आदि के बारे में एक रिपोर्ट
तैयार करेगी। महिला चिकित्सालय के निरीक्षण के बाद टीम ने जिला अस्पताल का
निरीक्षण किया। वहां भर्ती मरीजों से उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था के
बारे में जानकारी प्राप्त की। जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद टीम ने
ग्रामीण इलाकों का रुख किया। इस दौरान सीएमएस डा. वासवानी, डा. हरेंद्र
चौहान आदि उपस्थित रहे।
आशा चयन प्रक्रिया जांच के दायरे में
जिले
में चल रहे आशा प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों
और अखबारों में आशा चयन में गड़बड़ी की प्रकाशित खबरों को टीम ने गंभीरता
से लिया है। आशा चयन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी को लेकर अमर उजाला ने
लगातार खबरें प्रकाशित की हैं। टीम ने इन सभी खबरों की कटिंग लेकर जांच
कराने की बात कही है।