फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रेरणा एप शिक्षकों पर रखेगा नजर

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। पांच सितंबर को लांच हो रहे ‘प्रेरणा’ एप का असर शिक्षा विभाग में दिखाई देने लगा है। जो शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशक कार्यालयों में संबद्ध रहकर गैर शैक्षणिक कार्य कर रहे थे, उनके लिए कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी हो गए हैं। इससे संबद्घीकरण के जरिए मौज काट रहे शिक्षकों में खलबली मच गई है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग में संबद्धीकरण का रोग नया नहीं है। इस रोग ने दूरदराज के विद्यालयों की व्यवस्था बिगाड़कर रख दी थी। कई बार इस रोग को जड़ से उखाड़ फेंकने के प्रयास हुए, लेकिन हर बार यह रोग विभाग में तेजी से फैला है। तमाम शिक्षक दूरदराज के विद्यालयों में नियुक्ति तो लेते हैं, लेकिन वे उन स्कूलों में शिक्षण कार्य करना पसंद नहीं करते हैं। इसमें अनुदेशक व शिक्षा मित्र भी पीछे नहीं है। इससे दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही थी।
कुछ शिक्षक तो ऐसे रहे, जिन्होंने संबद्घीकरण की आड़ में कहीं भी काम नहीं किया और विभागीय अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते रहे। कुछ शिक्षक विभागीय कर्मियों की जुगलबंदी से मौज काटते रहे। जब से शासन ने ‘प्रेरणा’ एप लांच करने की घोषणा की, तब से शिक्षकों का आराम छिन गया है। ऐसे शिक्षक किसी न किसी तरीके से ‘प्रेरणा’ एप के लांचिंग रुकने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

उधर, विभागीय अधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ गई है। विभागीय अधिकारी एप के लांच होने से पहले सारी कमियां को दूर करने में जुट गए हैं। ऐसा ही एक आदेश बीएसए मनोज कुमार वर्मा ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी किया है, इसमें कहा गया कि विकासखंड एवं विद्यालयों में संबद्घ शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की अस्थाई संबद्घता तत्काल समाप्त करके उनके मूल विद्यालयों में कार्यमुक्त करना सुनिश्चित करें। अनुपालन आख्या लौटती डाक से उपलब्ध कराएं। इस आदेश की सूचना से कई शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशकों के चेहरे लटक गए हैं, उन्हें दूरदराज विद्यालयों में पुन: लौटने की चिंता सताने लगी है।
-----
सोशल मीडिया पर एप को समर्थन
सोशल मीडिया पर शासन द्वारा लांच किए जा रहे ‘प्रेरणा’ एप को व्यापक समर्थन हासिल हो रहा है। बुद्घिजीवी वर्ग इसे सुधार के रूप में देख रहे हैं। कुछ शिक्षक संगठन इस एप की कमियां गिनाकर उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन करने की रणनीति को अंतिम रूप देना आरंभ कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें