संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चार माह पहले एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी पर युवक की मौत के मामले में अदालत ने तत्कालीन राजघाट चौकी प्रभारी, 4 सिपाहियों और 6 विपक्षियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने माना है कि युवक की मौत पुलिसकर्मियों और विपक्षियों के लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की वजह से हुई है।
कोतवाली सदर के तहत चौकी राजघाट के गांव टौरिया निवासी रचना राजा पत्नी गोलू राजा ने न्यायालय को प्रार्थना पत्र दिया था। बताया कि 19 अक्तूबर 2024 की शाम को उसके पति गोलू राजा, महेंद्र और उसके साथी मानू राजा के बीच शराब के नशे में गाली गलौज हुई थी। इसकी शिकायत महेंद्र ने पुलिस चौकी में की थी। 20 अक्तूबर की सुबह करीब 9 बजे गोलू राजा को तलाशते हुए पुलिस घर आई। लेकिन गोलू राजा नहीं मिला। बाद में गोलू राजा घर आया और बाइक से पुलिस चौकी राजघाट पहुंचा। यहां पुलिस ने गोलू राजा को हिरासत में ले लिया। गोलू ने चचेरे भाई लोकेंद्र को मोबाइल से बताया कि वह पुलिस चौकी आकर उसकी बाइक ले जाए। लोकेंद्र चौकी पहुंचा। यहां सिपाही मनोज ने बाइक दे दी। सिपाही ने बताया कि गोलू राजा का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। लोकेंद्र बाइक लेकर लौट रहा था। तभी गोलू ने मोबाइल पर घबराते हुए कहा - जल्दी आ जाओ। इसके बाद फोन कट गया। लोकेंद्र अपने साथी के साथ एसडीएम कोर्ट के लिए निकला। उसे रास्ते में कालापहाड़ के पास पुलिस की जीप खड़ी मिली। वहां गोलू राजा सड़क पर मरणासन्न स्थिति में पड़ा था। लोकेंद्र ने पुलिस से पूछा तो पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिसकर्मी गोलू राजा को जीप में रखकर आननफानन जिला अस्पताल ले गए। यहां छोड़कर भाग गए थे। पीछे-पीछे लोकेंद्र पहुंचा। यहां से गोलू राजा को मेडिकल कॉलेज, झांसी रेफर कर दिया गया। फिर यहां से ग्वालियर ले जाने के लिए कहा गया। जहां चिकित्सकों ने उसके पति को मृत घोषित कर दिया था। पत्नी रचना ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ओमबाबू तिवारी, सिपाही मनोज, संतोष सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों सहित लल्लू राजा, मानू राजा, रानू राजा, राजपाल सिंह, चालीराजा, महेंद्र ने सांठगांठ कर मामले की लीपापोती करने की कोशिश की। चचेरे ससुर नौने राजा पर दबाव बनाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा ली गई। सीओ सदर अभय नारायण राय ने बताया कि पूर्व में मृतक के परिजन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब कोर्ट के आदेश पर भी पुलिसकर्मियों सहित विपक्षियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।