शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी नवीन सोनी पुत्र जमुना प्रसाद निवासी ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 1 मार्च को वह अपनी 9 माह की गर्भवती पत्नी मालती सोनी को प्रसव होने पर महिला जिला चिकित्सालय में भर्ती कराने लाया था। यहां ओपीडी में डॉ आशु बजाज को दिखाने के बाद अस्पताल में भर्ती होने के लिए लिखा।
जिसके बाद उक्त पर्चे को लेकर डॉ स्वाति खरे के पास आ रहा था। तब उसे अस्पताल में सुषमा साहू निवासी तालाबपुरा मिली। यहां से उसे साथ लेकर वह अपनी पत्नी के साथ डॉ. स्वाति खरे के पास पहुंचा। जिन्हें पर्चा देकर उसकी पत्नी को भर्ती करने का अनुरोध किया। लेकिन डॉ. स्वाति खरे ने कहा कि उक्त महिला जिला अस्पताल में दलाली का कार्य करती है। उसके विरुद्ध लिख कर दे कि सुषमा ने उससे 5000 रुपये की मांग की है। लेकिन सुषमा साहू ने उससे कोई रुपया नहीं मांगा था तो ऐसा लिखने से इंकार कर दिया।
इसके बाद डॉं स्वाति खरे ने उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया। कहा कि जब तक वह ऐसा लिख कर नहीं देगा, उनकी एचओडी डॉ. प्रान्शी असाटी ने मरीज को भर्ती करने से मना किया है। 5000 रुपये की मांग को लिख कर न देने के चलते उक्त डॉ. ने उसके साथ अपशब्द और अभ्रद भाषा का प्रयोग किया। इसी बीच उसकी पत्नी की तबियत बिगड़ती जा रही थी। जिसके बाद मजबूरी में अपनी पत्नी को उचित इलाज के लिए एक निजी अस्पताल मां गायत्री में ले जाया गया। यहां रिसेप्शन पर मुस्कान यादव ने 10000 रुपये जमा कराकर उसकी पत्नी को भर्ती कर लिया।
यहां बताया कि थोड़ी देर में झांसी से बड़े डॉं उसकी पत्नी का ऑपरेशन करेंगे | इस पर उसने अपनी पत्नी को मां गायत्री हस्पिटल में भर्ती करा दिया। कुछ देर बाद उसी हस्पिटल के मालिक प्रदीप पाठक निवासी झांसी आया और उसकी पत्नी को 4-5 बार लापरवाही से बेहोशी की दवा कमर में लगाई। ज्यादा डोज से उसकी पत्नी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। महिला जिला अस्पताल में जानकारी की तो वहां पर सुषमा साहू निवासी तालाबपुरा, सुनीता कुशवाहा निवासी रामनगर, प्रभा और सरोज निवासी तालाबपुरा, लक्ष्मी निवासी नेहरूनगर और लक्ष्मी निवासी चंडी माता मंदिर के पास, शकुन्तला निवासी नेहरूनगर, तारा निवासी सिद्धन कलोनी, मीरा निवासी पटउवा और सुशीला निवासी झरावटा महिलाए महिला अस्पताल की डॉक्टर के कहने पर हर मरीज से पैसे की मांग करते हैं।
डॉ. स्वाति खरे और डॉं प्रान्शी असाटी द्वारा अपने लोक सेवक के कर्तव्यों का निर्वहन न करते हुए उसकी गर्भवती पत्नी को भर्ती नहीं किया गया। मजबूरी में उसको अपनी पत्नी को लेकर मां गायत्री हस्पिटल झांसी रोड इलाईट चौराहा लेकर आया। यहां पर हॉस्पिटल मालिक प्रदीप पाठक और उनके स्टाफ ने गलत इलाज किया। जिसके चलते उसकी पत्नी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई |
महिला जिला अस्पताल में डॉं स्वाति खरे और डॉं प्रान्शी असाटी ने उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया। जिस कारण विवश होकर मां गायत्री हस्पिटल आया। यहां पर हॉस्पिटल के मालिक प्रदीप पाठक और अन्य स्टाफ ने क्वालिफाइड ना होते हुए भी गलत इलाज किया गया। जिसके फलस्वरूप उसकी पत्नी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।