ललितपुर। शहर में होने वाले अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी भले
ही नगर पालिका संभाल रही हो, पर नगर पालिका ने भी नियमों को ताक पर रखकर
मनमर्जी से निर्माण किए हैं। इतना ही नहीं इन निर्माण कार्यों में मानकों
की अनदेखी की गई है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्किंग
के लिए बनाए गए बेसमेंट में दुकानें बनीं नहीं थीं और दुकानें नीलाम कर दी
गईं। अब व्यापारी पिछले पांच साल से परेशान घूम रहे हैं, लेकिन उनकी कोई
सुनवाई नहीं हो रही है।
पिछली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया था,
लेकिन उस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शहर क्षेत्र में हो रहे
निर्माण कार्य से कोई समस्या न आए और शहर का सुनियोजित विकास किया जाए,
इसके लिए शासन ने अलग से विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग स्थापित किया
है। नियमत: शहर में किसी भी तरह का निर्माण कार्य कराए जाने से पहले
प्राधिकरण को सूचित करना और निर्माण कार्य के लिए आवश्यकता के अनुसार
मानचित्र स्वीकृत करना अनिवार्य है। यदि कोई बिना मानचित्र स्वीकृत कराए
निर्माण करता है तो उसको अवैध मानते हुए प्राधिकरण ध्वस्त कर सकता है।
लेकिन,
शहर की विडंबना यह है कि नगर पालिका ने ही नियमों को ताक पर रखते हुए अवैध
तरीके से अनेक दुकानों, व्यवसायिक भवनों व अन्य भवनों का निर्माण करा
लिया। नगर पालिका ने उक्त निर्माण से पहले विनियमित प्राधिकरण विभाग से
स्वीकृति लेना जरूरी नहीं समझा।
नियमों व व्यवस्थाओं को किया दरकिनार
प्राधिकरण
का नियम है कि किसी भी कांपलेक्स के निर्माण के दौरान वाहन पार्किंग के
लिए जगह देना अनिवार्य है। यह नियम निजी व सरकारी दोनों तरह के कांपलेक्स
पर लागू होता है। लेकिन, नगर पालिका ने ऐसे कांपलेक्स व सामूहिक दुकानों का
निर्माण करा दिया है, जिसमें दुकानदारों और ग्राहकों को दी जाने वाली
पार्किंग की सुविधा को दरकिनार किया गया है। यही कारण है कि मुख्य
चिकित्साधिकारी कार्यालय के बाहर बनी दुकानों में आने वाले ग्राहकों के
वाहन सड़क पर कब्जा जमाए रहते हैं।
पालिका को जारी किए नोटिस
नगर
पालिका द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कराए गए कांपलेक्स व सामूहिक दुकानों
के निर्माण के कारण विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा नगर पालिका के
खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किए गए निर्माण
को लेकर नगर पालिका को प्राधिकरण विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस की
सूची में गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास नगर पालिका द्वारा निर्मित राजर्षि
पुरुषोत्तम दास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स, सुपर मार्केट में कंपनी बाग से
सटी दुकानें, सदर कोतवाली के सामने बनी दुकानें आदि शामिल हैं। लेकिन, नगर
पालिका ने अभी भी मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी नहीं समझा।
बेसमेंट में पार्किंग नहीं
नगर
पालिका में नौ मई 2011 को राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स
के बेसमेंट में पार्किंग के स्थान पर दुकानों की नीलामी कर दी गई। यह
कांपलेक्स न केवल बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाया गया है, बल्कि कांपलेक्स
के बेसमेंट में दुकानें बनाए बिना ही उन्हें नीलाम कर दिया गया। कांपलेक्स
के प्रथम व द्वितीय तल पर 14-14 दुकानें निर्मित हैं, जिनमें से नौ
दुकानों को छोड़कर सभी दुकानों की नीलामी हो चुकी है। इसके अलावा बेसमेंट
में पांच दुकानों को नीलाम कर दिया गया, जिसकी प्रीमियम राशि विभाग के पास
जमा है। लेकिन, अभी तक दुकानें नहीं बनी हैं। इससे दुकान लेने वाले परेशान
घूम रहे हैं।
दुकानों का निर्माण स्वीकृत
हाल ही में दो जनवरी की
हुई नगर पालिका की बोर्ड बैठक में बेसमेंट में दुकानों के निर्माण का
प्रस्ताव रखा गया था, जिसे वर्तमान बोर्ड ने स्वीकृत कर दिया है। यदि
बेसमेंट में दुकानों का निर्माण कर दिया जाता है तो पार्किंग के लिए हमेशा
की समस्या पैदा हो जाएगी।
यदि चाहें तो बन सकती है बेसमेंट में पार्किंग
राजर्षि
पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में बेसमेंट बनाया गया है। पूर्व
के बोर्ड में बेसमेंट की पांच दुकानों को नीलाम कर दिया गया था, जबकि नौ
दुकानों की नीलामी अभी भी नहीं हुई है। बेसमेंट में जलभराव की समस्या रहने
के कारण किसी भी दुकान का निर्माण नहीं हो सका है। यदि नगर पालिका चाहे तो
नीलामी के लिए शेष नौ दुकानों के स्थान पर पार्किंग स्थल बना सकती है।
इनको आवंटित की गई दुकानें
राजर्षि
पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में रामस्वरूप निवासी तलैयापुरा,
नसीर खां निवासी आजादपुरा, लखन निवासी आजादपुरा, राजकुमार निवासी रावतयाना,
मनीष कुमार निवासी चौबयाना और मुकेश राय निवासी आजादपुरा को दुकानें
आवंटित की गई हैं। इनसे प्रीमियम राशि लगभग 5.56 लाख रुपये पालिका में जमा
है।
मामला पिछले नगर पालिका के बोर्ड के कार्यकाल का है, जिस कारण इसमें कुछ भी करा पाना संभव नहीं है।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी।