ललितपुर। रविवार को गौना वन रेंज कर्मचारियों ने पिछले कई दिनों से ग्राम पटउवा व उसके आसपास के गांवों में घूम रहे लकड़बग्घा को ग्राम कुमरौल से पकड़कर यूपी और एमपी बार्डर के पास गौना वन रेंज में छोड़ दिया है। इसकी पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चा बनी हुई थी। कोई इसे लकड़बग्घा तो कोई तेंदुआ बता रहा था। इससे विभिन्न गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। उसके पकड़े जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
लगभग एक सप्ताह से तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पटउवा व उसके आसपास के गांवों में एक जंगली जानवर देखा जा रहा था। उसके शरीर पर धारियां देख लोग इसे तेंदुआ मानकर डरने लगे थे। कई गांवों में इसकी सूचना आग की तरह फैल गई थी, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। दहशत ऐसी कि गांव में लोग अपने बच्चों को घरों में अकेला छोड़ने से बचने लगे थे।
तमाम किसान घास काटने खेत पर नहीं जा पा रहे थे। यही नहीं, ग्रामीण इसके विचरण की पल-पल की जानकारी लेने के लिए उत्सुक रहते थे। इसे ग्राम करमरा, बिरधा, बम्हौरी, मगरपुर, रमपुरा व पटउवा में होने की बात कही जा रही थी। हालांकि, आए दिन फैल रही अफवाहों को रोकने के लिए वन कर्मियों ने तेंदुआ होने की बात का खंडन आरंभ कर दिया था। इसके बाद भी कई लोग यह बात मानने के लिए तैयार नहीं थे।
मजबूरन, वन विभाग को लकड़बग्घा पकड़ने का निर्णय लेना पड़ा। रविवार को ग्राम कुमरौल में जंगली जानवर होने की सूचना मिली। इस पर कुछ लोगों ने डायल 100 पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर, रेंजर आरके शाही सूचना पाकर जाल लेकर वीट प्रभारी हरीशंकर के साथ लकड़बग्घा को पकड़ने के लिए पहुंचे। लकड़बग्घा बचने के लिए एक पुलिया के नीचे घुस गया। वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से उसे जाल डालकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके उपरांत उसे यूपी और एमपी बार्डर के पास गौना बीट में छोड़ दिया गया। इस सूचना के उपरांत ग्रामीणों की जान में जान आई।
लकड़बग्घा को पकड़कर यूपी व एमपी बार्डर के पास गौना बीट में छोड़ दिया गया है। कई दिनों लोग इस जानवर को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे थे।
- आरके शाही, गौना वन रेंजर