ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर चल रहे सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम में रविवार को श्रद्धालुओं ने 15 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर महारुद्राभिषेक किया।
चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि जो श्रवण, कीर्तन और मनन, इन तीनों साधनों व अनुष्ठान से शिवलिंग और मूर्ति की स्थापना करके नित्य उसकी पूजा करें तो संसार-सागर से पार हो सकता है। भगवान शंकर की पूजा करने वाला पुरुष श्रवणादि साधनों का अनुष्ठान करे तो भी भगवान शिव की प्रसन्नता व सिद्धि प्राप्त कर लेता है। प्राचीन समय में कई भक्तों ने अपनी भक्ति से शिव को प्रसन्न किया है। शिवलिंग शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक है। इसी तरह, शिव के सकल या साकार होने के कारण उनकी पूजा का आधारभूत विग्रह साकार प्राप्त होता है। पूजन व महारुद्राभिषेक के मुख्य यजमान हरिशंकर साहू सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
कलश यात्रा के साथ शिवपुराण कथा शुरू
बांसी (ललितपुर)। कस्बा के श्री लालजी महाराज मंदिर में श्रावण मास में 21 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण, शिव महापुराण कथा का आयोजन करने के लिए रविवार को कलश यात्रा निकाली गई।
शिव महापुराण कथा व्यास पं. शिवशंकर शास्त्री एवं आचार्य कमलेश शास्त्री, अकेला महाराज, पं. नीरज गंगेले एवं आयोजनकर्ता महंत दामोदर दास महाराज के सानिध्य में शिव पुराण की कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ हुई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। डोल नगाड़े, गाजे-बाजे के साथ कस्बा में मुख्य मार्ग से होती हुई पुराना बार मार्ग स्थित हजारिया महादेव मंदिर पर पहुंची। जहां पूजन-अर्चन के बाद कलश में जल भरकर जखौरा मार्ग पर स्थित टौरिया मंदिर से होती हुई मन तालाब पर पहुंची। कलश यात्रा में महंत जगत रामदास महाराज, संत दास, पाल बाबा, माखन दास, विनोद बुखारिया, भैया लाल पुलैया, गजानंद सुमन, अखिलेश खरे, आशीष यादव, मुन्ना लाल तिवारी आदि मौजूद रहे।