ललितपुर। जिले में रोडवेज और प्राइवेट बसों के चुनाव में लगने से यात्रियों के लिए सफर करना मुश्किल हो रहा है। लगातार दूसरे दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाल यह रहा कि कुछ यात्रियों ने लोडिंग वाहनों में सफर किया, तो कुछ टैक्सी पर लटककर गंतव्य तक पहुंचे। बसों के अभाव में बस स्टैंड आई सवारियों को टैक्सी से अधिक पैसे चुुका कर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा।
जिले में कल होने वाले मतदान को लेकर बसों समेत कई चार पहिया वाहनों का अधिग्रहण किया गया है। इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। वाहनों का अधिग्रहण हो गया, लेकिन कोई अन्य व्यवस्थाएं न होने से लोगों के लिए सफर करना संकट बन गया।
शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी सड़कों पर बसें नजर नहीं आईं। सवारियां अपने गंतव्य को जाने के लिए सड़कों पर बसों की राह देखतीं रहीं, लेकिन बस नहीं मिली। अधिक समय बीतने के बाद डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। कुछ ने टैक्सियों में बैठकर यात्रा की। अधिकांश सवारियां जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हो गईं। वहीं टैक्सी चालकों ने भी अवसर समझ कर अधिक पैसे वसूल किए। साधनों के अभाव में सवारियों को मजबूरन ही अधिक पैसे चुकाने पड़े।
लोडिंग वाहन में लदकर की यात्रा
सवारियां सड़कों पर बसों का इंतजार करती रहीं, अधिक देर बीतने के बाद वाहन न मिलने पर आने वाले वाहनों को रोकती रहीं। वाहन रुकने पर खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हो गए। ऐसा ही हाल शहर में पिसनारी के पास राजघाट रोड का रहा। जहां पर खड़ी सवारियां एक लोडिंग वाहन को रोका और उसमें खड़े होकर भी यात्रा करने को तैयार होकर सफर तय किया।
विधानसभा चुनाव के मतदान में बसों व अन्य वाहनों को लगाया गया है। अभी यह समस्या दो दिन और बनी रहेगी। इसके बाद नियमित संचालन कराया जाएगा।
- एसएल गौड़, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी