ललितपुर। प्रदेश शासन द्वारा हत्या, बलात्कार, डकैती, अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामलों के जल्द निस्तारण के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी सातों जिलों में अलग से 10 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने का निर्णय लिया है। ललितुपर और झांसी जिले में एक-एक अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट का सृजन किया जाएगा।
प्रदेश शासन द्वारा गंभीर आपराधिक प्रकृति और पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में शीघ्र न्याय करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में कुल 212 नई फास्ट ट्रैक का सृजन किया जा रहा है, जिसमें 1,696 विभिन्न पदों पर एक-एक पीठासीन अधिकारी, वैयक्तिक सहायक, रीडर, मुंसरिम, सूट क्लर्क, मिसलेनियय क्लर्क, अर्दली और चपरासी की नियुक्ति की जाएगी।
जनपद न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आनंद कुमार दीक्षित ने बताया कि प्रदेेश शासन से प्राप्त पत्र के अनुसार 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुक्रम में बुुंदेलखंड क्षेत्र के सभी सात जिलों में 10 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाने की संस्तुति की गई है, जिसमें जनपद न्यायालय ललितपुर में एक, झांसी में एक, महोबा में एक, जालौन स्थान उरई में तीन, हमीरपुर में एक, चित्रकूट में दो और बांदा में एक अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित की जाएगी।
बताया गया कि उक्त न्यायालयों में विभिन्न पदों की निरंतरता नियमानुसार समय-समय पर बढ़ाई जाएगी। इसी के तहत इन न्यायालयों द्वारा विभिन्न प्रकार के गंभीर अपराधों के संबंधितवादों हत्या, बलात्कार, डकैती, अपहरण, मानव तस्करी,
दहेज हत्या एवं वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, विकलांगों, एचआईवी एड्स रोगी आदि के सिविल वादों और पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित भूमि अधिग्रहण एवं संपत्ति/किराएदारी विवाद से संबंधित सिविल वादों की सुनवाई की जाएगी। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से 29 दिसंबर 2015 को जारी किए गए थे। इसके संबंध में सभी जनपद न्यायालयों को अवगत करा दिया गया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का रहा है सराहनीय कार्य
जनपद में आठ माह पूर्व स्थापित फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश हरकेश कुमार की अदालत द्वारा गंभीर आपराधिक प्रकृति के वादों का शीघ्र निर्णय करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका अदा की है। आठ माह में न्यायालय द्वारा 60 से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकृति के मामलों का त्वरित व शीघ्र निस्तारण किया गया है।
ग्राम अजनौरा में सास व साले की हत्या में दोषी अभियुक्त जुगल को 13 अगस्त 2015 को मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। अब एक और अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट का सृृजन होने से जनपद में विभिन्न आपराधिक मामलों में न्याय की गति और अधिक तेजी से बढ़ेगी।