ललितपुर। जनपद में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के लिए तैयारियां शुुरू कर दी गई हैं। परियोजना के लिए सबसे जरूरी हवाई पट्टी के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, तो वहीं पानी के लिए भी सिंचाई विभाग से स्वीकृति मिल गई है। परियोजना के लिए भावनी बांध से आठ मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी दिया जाएगा। इससे सिंचाई विभाग को हर साल 16 करोड़ का राजस्व मिलेगा।
जिले में महरौनी से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सैदपुर में कृषि फार्म हाउस की भूमि पर बल्क ड्रग पार्क का निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्वयं योजना को जल्द से जल्द चालू करने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर जरूरी सुविधाओं को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। ड्रग पार्क के लिए जरूरी हवाई पट्टी के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। इसके बाद नागरिक उड्डयन विभाग इस भूमि पर हवाई पट्टी का कार्य शुरू करेगा। बल्क ड्रग पार्क के लिए दूसरी सबसे बड़ी आवश्यकता पानी की है। जिसके लिए सिंचाई विभाग से समझौता हो चुका है। बल्क ड्रग पार्क के लिए भावनी बांध से आठ एमसीएम पानी दिए जाने की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है।
पार्क के लिए भावनी बांध से दिए जाने वाले पानी का रेट सिंचाई विभाग ने 20 रुपये प्रति घनमीटर तय किया है। इस प्रकार आठ एमसीएम पानी देने के बाद सिंचाई विभाग को प्रतिवर्ष करीब 16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
रेलवे लाइन बनेगी मददगार
ग्राम सैदपुर में बनाए जाने वाले बल्क ड्रग पार्क में सामान की आपूर्ति के लिए महरौनी से सागर के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन काफी मददगारमानी जा रही है। इस रेलवे लाइन परियोजना के पूर्ण होने के बाद बल्क ड्रग को माल-भाड़ा सहित अन्य सुविधाएं मिलने लगेगी।
1604 करोड़ की है परियोजना
शासन की महत्वाकांक्षी योजना बल्क ड्रग पार्क सैदपुर में दो हजार एकड़ क्षेत्र में बनाया जाना है। इसमेें करीब 1600 एकड़ भूमि पशुपालन विभाग की है। शेष 400 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस योजना की 1604 करोड़ रुपये की लागत रखी गई है। जिसमें से एक हजार करोड़ रुपये की वित्तीय मदद केंद्र सरकार करेगी। सबकुछ ठीक रहा तो यह योजना जल्द ही धरातल पर आ जाएगी और काम शुरू हो जाएगा।
बल्क ड्रग पार्क को भावनी बांध से आठ एमसीएम पानी देने की स्वीकृति विभाग द्वारा प्रदान कर दी गई है। परियोजना में जब भी पानी की आवश्यकता होगी, उन्हें पानी मुहैया करवा दिया जाएगा।
शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग