ललितपुर। दो खंड शिक्षा अधिकारियों की कमेटी ने कुछ शिक्षकों द्वारा लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप में यह कहकर क्लीन चिट दे दी है कि मामले में रिश्वत दी नहीं गई है। अब यह मामला तूल पकड़ गया। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने समूची जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच कराने की मांग की है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने बीएसए को ज्ञापन देकर कहा कि शासन की मंशा के विपरीत आचरण करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों के कारनामों की जांच की जाए। पिछले दिनों एक कंप्यूटर ऑपरेटर की गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी। साक्ष्य के रूप में यह संलग्न किया गया था कि कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा रिश्वत मांगी गई है। संबंधित अध्यापकों द्वारा लिखित बयान भी दिया गया था। खंड शिक्षा अधिकारियों की कमेटी की जांच में माना था कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने कुछ शिक्षकों से धन की मांग की थी, लेकिन धन दिया नहीं गया। खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी आख्या से शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति को झटका लग रहा है।
ज्ञापन देते समय जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, आलोक श्रीवास्तव, संघर्ष समिति अध्यक्ष संतोष रजक, मनोज झां, आलोक स्वामी, अनूप सैनी आदि उपस्थित रहे।